फलोदी। राजस्थान के फलोदी जिले में 9 साल के बच्चे भोमाराम को बोरवेल से बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। हादसे के 20 घंटे से ज्यादा बीत जाने के बाद भी बच्चे को बाहर नहीं निकाला जा सका है। वहीं, बोरवेल के अंदर पानी रिसने और कैमरे का आगे नहीं बढ़ पाने से रेस्क्यू टीम की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
जानकारी के मुताबिक, भोमाराम गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे 1050 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। बताया जा रहा है कि वह करीब 640 फीट की गहराई पर फंसा हुआ है। शुक्रवार सुबह बोरवेल के अंदर कैमरे से बच्चे की स्थिति देखने की कोशिश की गई, लेकिन करीब 30 फीट आगे जाने के बाद कैमरा पत्थर की वजह से फंस गया। रेस्क्यू टीम के अनुसार, कैमरे में बच्चे की हलचल भी नजर नहीं आ रही है।
पानी भरने से बढ़ी परेशानी
लगातार चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच बोरवेल के अंदर पानी रिसने की जानकारी सामने आई है। इससे बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने की चुनौती और बढ़ गई है। टीम लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और बच्चे को बाहर निकालने के लिए वैकल्पिक तरीके अपनाए जा रहे हैं।
अब देसी जुगाड़ से बच्चे को निकालने की कोशिश
रेस्क्यू ऑपरेशन में अब मादाराम सुथार और उनकी टीम की मदद ली जा रही है। बोरवेल में फंसे लोगों को निकालने के अपने अनुभव के आधार पर टीम ने लोहे के एंगल और सरियों की मदद से विशेष जाल तैयार करने की योजना बनाई है। पहले बोरवेल में फंसे पत्थर को बाहर निकालने का प्रयास किया जाएगा, जिसके बाद बच्चे को सुरक्षित बाहर लाने की कोशिश होगी।टीम के सदस्यों ने अब तक सात सफल रेस्क्यू करने का दावा किया है। हालांकि, भोमाराम की मौजूदा स्थिति को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
पिता की आंखों के सामने हुआ हादसा
भोमाराम के पिता पाचाराम ने बताया कि हादसा उनकी आंखों के सामने हुआ। उन्होंने बताया कि वह बोरवेल से मोटर निकाल रहे थे। इसी दौरान उनका बेटा बोरवेल में गिर गया। जब उन्होंने पीछे मुड़कर देखा, तो बच्चे का सिर और हाथ दिखाई दे रहे थे, लेकिन जब तक वह उसके पास पहुंचते, तब तक बच्चा गहराई में जा चुका था।फिलहाल, रेस्क्यू टीम बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। बोरवेल में पानी का रिसाव, पत्थर की रुकावट और बच्चे की हलचल दिखाई नहीं देना चिंता बढ़ाने वाले पहलू हैं। अब सभी की निगाहें रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं।



