नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे और फोटोग्राफर रेहान राजीव वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली के बीकानेर हाउस में आयोजित उनकी प्रदर्शनी ‘No Idea Is Final’ से दिल्ली में युवाओं के विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें हटाए जाने का मामला सामने आया है। रेहान का आरोप है कि प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले प्रबंधन ने उनसे 105 में से 74 तस्वीरें हटाने या बदलने को कहा। इनमें राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की तस्वीरें भी शामिल थीं। इस मामले के सामने आने के बाद प्रियंका गांधी ने अपने बेटे का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें उस पर गर्व है। वहीं, कांग्रेस ने इस घटना को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कला पर रोक लगाने से जोड़कर सवाल उठाए हैं।
प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले मिला तस्वीरें हटाने का निर्देश
रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी ‘No Idea Is Final’ का पूर्वावलोकन बुधवार, 21 अक्टूबर को होना था, जबकि आम लोगों के लिए यह 22 अक्टूबर से खुलनी है। प्रदर्शनी में वन्यजीवों की फोटोग्राफी, अमूर्त कला और देश में हाल के युवा आंदोलनों को कैमरे में दर्ज करने वाली तस्वीरें शामिल थीं।
रेहान के मुताबिक, बीकानेर हाउस प्रबंधन ने 20 अक्टूबर की शाम को उनकी कुछ तस्वीरों की विषयवस्तु पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने प्रबंधन से आपत्तियों और संबंधित नियमों का स्पष्ट ब्योरा मांगा। उनका कहना है कि इसके बाद 21 अक्टूबर को दोपहर करीब 3:30 बजे उन्हें निर्देश दिया गया कि शाम 5 बजे तक तस्वीरें हटा दी जाएं या बदली जाएं, अन्यथा प्रदर्शनी रद्द की जा सकती है।
रेहान ने दावा किया कि उन्होंने प्रदर्शनी का विस्तृत प्रस्ताव और तस्वीरों का लेआउट पहले ही प्रबंधन के साथ साझा कर दिया था। उनके अनुसार, तस्वीरों को राजनीतिक प्रकृति का बताते हुए उन पर आपत्ति जताई गई और समय तथा संदर्भ को भी इसकी वजह बताया गया।
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तिरंगे की तस्वीरें हटाने को भी कहा गया: रेहान
रेहान वाड्रा ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जिन तस्वीरों पर आपत्ति की गई, उनमें दिल्ली में हुए युवाओं के विरोध प्रदर्शनों के दृश्य शामिल थे। उनका कहना है कि प्रबंधन ने तिरंगे की दो तस्वीरें हटाने के लिए भी कहा था, लेकिन उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज की तस्वीर हटाने से इनकार कर दिया।
रेहान के अनुसार, उनका उद्देश्य विरोध प्रदर्शनों के जरिए युवाओं की गतिविधियों और सामूहिक आंदोलनों को फोटोग्राफी के माध्यम से दर्ज करना था। उन्होंने इन तस्वीरों को किसी राजनीतिक संदेश के बजाय अपने आसपास हो रही घटनाओं का दृश्य दस्तावेज बताया।
रिपोर्टों के मुताबिक, तस्वीरें हटाए जाने के बाद प्रदर्शनी की दीवारों पर खाली फ्रेम लगाए गए थे। उन पर भी आपत्ति जताई गई। इसके चलते प्रदर्शनी का बड़ा हिस्सा खाली रह गया।
प्रियंका गांधी ने बेटे का समर्थन किया, कहा- तुम पर गर्व है
विवाद सामने आने के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रदर्शनी की तस्वीरें साझा करते हुए अपने बेटे का समर्थन किया। उन्होंने लिखा कि जब ताकतवर व्यक्ति किसी दूसरे की अभिव्यक्ति से डरने लगता है, तो वह उस ताकत को पहले ही खो चुका होता है, जिसे बचाने की कोशिश कर रहा होता है। प्रियंका ने आगे लिखा, “आप सच के लिए खड़े रहते हैं और खूबसूरत चीजें खुद-ब-खुद आप तक पहुंचने का रास्ता ढूंढ लेती हैं। मुझे आप पर गर्व है और हमेशा रहेगा।”
प्रियंका ने मीडिया से बातचीत में भी इस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तस्वीरों में विरोध प्रदर्शनों का दृश्य दस्तावेजीकरण था और उनका उद्देश्य किसी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना नहीं था। उन्होंने चिंता जताई कि इस तरह की कार्रवाई से युवाओं की आवाज दब सकती है।
कांग्रेस ने लगाया सेंसरशिप का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने इस मामले को लेकर केंद्र और भाजपा पर निशाना साधा है। पार्टी सांसद पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि बीकानेर हाउस प्रशासन ने प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले बड़ी संख्या में कलाकृतियां हटवा दीं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि तस्वीरों में विरोध प्रदर्शनों का दस्तावेजीकरण था, तो उन्हें हटाने की जरूरत क्यों पड़ी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बीकानेर हाउस राजस्थान सरकार की संपत्ति है और वहां एक युवा कलाकार की अभिव्यक्ति को सीमित किया जाना चिंताजनक है। उन्होंने तस्वीरों को हटाने की घटना को सेंसरशिप करार देते हुए सरकार से जवाब मांगा। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि तस्वीरों को हटाने की कार्रवाई कला और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने जैसी है। हालांकि, इन आरोपों पर बीकानेर हाउस प्रशासन का विस्तृत पक्ष तत्काल उपलब्ध नहीं हो सका।
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यूथ कांग्रेस ने सड़क पर प्रदर्शनी लगाने की बात कही
इस विवाद के बीच भारतीय युवा कांग्रेस ने भी प्रतिक्रिया दी है। संगठन ने कहा कि यदि किसी प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाई जाती हैं, तो वह लुटियंस दिल्ली की सड़कों पर खुली फोटो प्रदर्शनी आयोजित करेगा। संगठन का कहना है कि कला और विचारों को केवल गैलरी की दीवारों तक सीमित नहीं किया जा सकता।
फिलहाल ‘No Idea Is Final’ प्रदर्शनी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी है, लेकिन हटाई गई तस्वीरों के कारण इसका मूल स्वरूप प्रभावित हुआ है। रेहान वाड्रा ने कहा है कि वह विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरों का पूरा संग्रह किसी दूसरी जगह प्रदर्शित करने का प्रयास करेंगे।



