Thursday, October 22, 2026
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AHDP डिप्लोमा की मान्यता के लिए रींगस में छात्रों का धरना, करीब 200 विद्यार्थियों के भविष्य पर चिंता

रींगस में श्री संत वेटरनरी कॉलेज और एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ वेटरनरी साइंस से जुड़े करीब 200 विद्यार्थियों का AHDP डिप्लोमा मान्यता की मांग को लेकर धरना जारी है। छात्र मान्यता या उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। जानिए पूरा मामला।

रींगस (सीकर)। पशुपालन विभाग में करियर बनाने की तैयारी कर रहे करीब 200 विद्यार्थियों के AHDP डिप्लोमा की मान्यता का मुद्दा अब आंदोलन का रूप ले चुका है। श्री संत वेटरनरी कॉलेज और एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ वेटरनरी साइंस से जुड़े विद्यार्थियों का कॉलेज के सामने धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। पशुपालन विभाग स्टूडेंट्स अधिकार मोर्चा के नेतृत्व में छात्र डिप्लोमा को मान्यता देने या फिर प्रभावित विद्यार्थियों को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।

छात्रों का कहना है कि उन्होंने इस कोर्स को पूरा करने के लिए समय, मेहनत और परिवार की आर्थिक पूंजी लगाई है। अब डिप्लोमा की मान्यता को लेकर बनी अनिश्चितता से उनके भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों ने राज्य सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर जल्द समाधान निकालने की मांग की है।

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मान्यता नहीं मिली तो मुआवजा देने की मांग

पशुपालन विभाग स्टूडेंट्स अधिकार मोर्चा की ओर से रखी गई प्रमुख मांगों में दोनों संस्थानों से जुड़े प्रभावित विद्यार्थियों के AHDP डिप्लोमा को मान्यता दिलाना शामिल है। मोर्चा का कहना है कि यदि डिप्लोमा को मान्यता नहीं मिल पाती है, तो विद्यार्थियों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।

छात्र नेता अंकित बैंसला ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ डिप्लोमा की मान्यता तक सीमित नहीं है, बल्कि उन विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी है जिन्होंने पढ़ाई पूरी करने के लिए सालों मेहनत की और फीस सहित अन्य खर्च उठाए। उनके मुताबिक, इस अनिश्चितता का समाधान निकालना जरूरी है, ताकि विद्यार्थियों को अपने करियर को लेकर परेशानी का सामना न करना पड़े।

कॉलेज डायरेक्टर पर दुर्व्यवहार का आरोप

धरने के दौरान छात्र नेता अंकित बैंसला ने कॉलेज की डायरेक्टर पर कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के अधिकारों की आवाज उठाना उनका दायित्व है और इस मुद्दे को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, कॉलेज प्रबंधन या संबंधित अधिकारियों का इस आरोप पर पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका है। ऐसे में दुर्व्यवहार से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

AHDP की संबद्धता का मामला पहले भी हाईकोर्ट पहुंचा

AHDP डिप्लोमा और संस्थानों की संबद्धता को लेकर विवाद पहले भी राजस्थान हाईकोर्ट में पहुंच चुका है। 21 अप्रैल 2026 के आदेश में अदालत ने AHDP के 2023-24 और 2024-25 बैच के विद्यार्थियों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए संबंधित छात्रों को मान्यता प्राप्त संबद्ध कॉलेजों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए थे। अदालत के सामने यह तथ्य भी रखा गया था कि संबंधित संस्थानों के पास राज्य सरकार का जरूरी NOC और विश्वविद्यालय की वैध संबद्धता नहीं थी।

इसके बाद 1 मई 2026 को संस्थानों की ओर से दायर याचिकाओं पर भी हाईकोर्ट ने संबद्धता और NOC से जुड़े मुद्दों पर विचार किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का NOC संबद्धता के लिए जरूरी शर्त है। ऐसे संस्थान जिनके पास आवश्यक NOC नहीं है, वे उसके बिना दाखिले जारी रखने का अधिकार नहीं जता सकते।

ऐसे में वर्तमान धरने के बीच यह सवाल भी अहम है कि प्रभावित विद्यार्थियों की शैक्षणिक स्थिति क्या है, उनके डिप्लोमा की मान्यता का समाधान किस प्रक्रिया से निकलेगा और विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई व करियर को सुरक्षित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

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मुख्यमंत्री और पशुपालन मंत्री से हस्तक्षेप की मांग

मोर्चा के उपाध्यक्ष संतोष मीणा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को राहत देने के लिए सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए, ताकि उनका भविष्य अधर में न रहे।

अंकित बैंसला ने कहा कि विद्यार्थी अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने प्रदेश के अन्य छात्र संगठनों और विद्यार्थियों से भी इस मुद्दे पर समर्थन देने की अपील की। मोर्चा का कहना है कि जब तक प्रभावित विद्यार्थियों को न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

फिलहाल विद्यार्थियों की मांग है कि सरकार, विश्वविद्यालय और संबंधित संस्थान मिलकर ऐसा समाधान निकालें जिससे उनकी पढ़ाई और भविष्य पर पड़ रहे असर को दूर किया जा सके। इस मामले में कॉलेज प्रबंधन और संबंधित विभागों का वर्तमान पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे विवाद की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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