जयपुर। राजस्थान में पंचायती राज चुनावों के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने किसान कल्याण और ग्रामीण विकास को लेकर सरकार की योजनाओं का ब्योरा साझा किया है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत प्रदेश के किसानों को कुल 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है। राठौड़ ने ब्याजमुक्त फसली ऋण, प्राकृतिक आपदाओं में आर्थिक सहायता और पशुपालकों के लिए ऋण योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव केवल जनप्रतिनिधि चुनने का माध्यम नहीं, बल्कि गांवों के विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का अवसर हैं।
किसान सम्मान निधि से 17 हजार करोड़ से अधिक मिलने का दावा
मदन राठौड़ के अनुसार, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत राजस्थान के 76.18 लाख किसानों को 14,405 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई है। वहीं, मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की छह किश्तों के जरिए 65 लाख से अधिक किसानों को 3,387 करोड़ रुपये का लाभ मिलने की बात कही गई है। इन दोनों योजनाओं की बताई गई राशि को जोड़ने पर कुल आंकड़ा 17,792 करोड़ रुपये से अधिक होता है। राठौड़ ने कहा कि किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने से खेती में निवेश करने और उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत करने में मदद मिलती है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत पात्र किसानों को मिलने वाली वार्षिक सहायता 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये की गई है। उन्होंने इसे बढ़ाकर 6,000 रुपये सालाना करने की योजना का भी उल्लेख किया। यह बढ़ोतरी भविष्य की योजना के तौर पर बताई गई है, न कि लागू हो चुके फैसले के रूप में।
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1.09 करोड़ किसानों को ब्याजमुक्त फसली ऋण देने की जानकारी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किसानों को खेती के लिए पूंजी उपलब्ध कराने और साहूकारों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से ब्याजमुक्त अल्पकालीन फसली ऋण दिया जा रहा है। उनके अनुसार, प्रदेश में 1.09 करोड़ किसानों को कुल 67,293 करोड़ रुपये का फसली ऋण उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा 3.18 लाख नए किसानों को 561 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया।
राठौड़ ने कहा कि किसानों को समय पर ऋण मिलने से खेती से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलती है। उन्होंने कृषि निवेश, आय सहायता और जोखिम से सुरक्षा को किसान कल्याण के लिए जरूरी बताया।
पशुपालकों और ग्रामीण परिवारों के लिए भी योजनाओं का जिक्र
मदन राठौड़ ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में पशुपालन और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों की भूमिका पर भी बात की। उन्होंने बताया कि 1.03 लाख पात्र गोपालक परिवारों को 775 करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त ऋण दिया गया है। वहीं, 45,968 लाभार्थियों को 400 करोड़ रुपये का आजीविका ऋण उपलब्ध कराने की जानकारी दी।
उनके अनुसार, 66,043 किसानों को 66.49 करोड़ रुपये का ब्याज अनुदान मिला है। इसके अलावा 11,145 किसानों और लघु उद्यमियों को 338 करोड़ रुपये का दीर्घकालीन कृषि ऋण उपलब्ध कराया गया। राठौड़ का कहना है कि ऐसी योजनाओं से ग्रामीण परिवारों को अपनी आर्थिक गतिविधियों का विस्तार करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
आपदा प्रभावित 59.53 लाख किसानों को राहत देने का दावा
प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को होने वाले नुकसान का जिक्र करते हुए राठौड़ ने कहा कि प्रदेश में 59.53 लाख किसानों को 5,666 करोड़ रुपये का कृषि आदान अनुदान उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को केवल फसल के समय सहायता देना पर्याप्त नहीं है। उन्हें आर्थिक मदद, कम लागत पर ऋण, प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान में राहत और कृषि में निवेश के अवसर उपलब्ध कराना भी जरूरी है। उनके मुताबिक, इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थिर और मजबूत बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
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पंचायतों में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
पंचायती राज चुनावों का उल्लेख करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि गांवों का विकास तभी संभव है, जब पंचायतें स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करें। पेयजल, ग्रामीण सड़कें, स्वच्छता, कृषि सुविधाएं, पशुपालन और रोजगार जैसे विषय पंचायत स्तर पर विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।
राठौड़ ने कहा कि भाजपा पंचायतों में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के पक्ष में है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों, गरीबों, महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों तक पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि गांवों की खुशहाली और किसानों की आर्थिक मजबूती विकसित राजस्थान के लक्ष्य के लिए अहम है। उनके मुताबिक, आत्मनिर्भर किसान, मजबूत पशुपालन व्यवस्था और ग्रामीण परिवारों के लिए बेहतर आजीविका के अवसर पंचायतों के विकास को नई दिशा दे सकते हैं।



