Rahul Gandhi News: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर संसद में विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उन्हें लोकसभा में अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया और उनका माइक बंद कर दिया गया.इसी के साथ उन्होंने दोहराया की जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होगा तब तक कोई बातचीत या चर्चा नहीं की जाएगी.
संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने चर्चा की बात कही थी, लेकिन जब वह जवाब देना चाहते थे तो उन्हें बोलने का मौका नहीं मिला. उन्होंने कहा, “सामान्य संसदीय परंपरा यह है कि यदि किसी सदस्य का नाम लिया जाता है, तो उसे अपनी बात रखने का अवसर दिया जाता है. लेकिन जब मैं जवाब देना चाहता था, तब मुझसे माइक ले लिया गया और मुझे बोलने नहीं दिया गया.”
#WATCH दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, "अभी किरेन रिजिजू ने बयान दिया कि वो चाहते हैं कि हम अपने सांसदों से कहें कि चर्चा होनी चाहिए। नॉर्मल प्रोटोकॉल होता है कि अगर कोई किसी का नाम लेता है, तो उसे जवाब दिया जाता है लेकिन जब मैं उसका जवाब… pic.twitter.com/y3lNOikUEL
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 24, 2026
छात्रों की तीन मांगें गिनाईं
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष छात्रों की मांगों के साथ खड़ा है. उनके अनुसार, छात्रों की तीन प्रमुख मांगें हैं- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए. छात्र प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों से माफी मांगें. उन्होंने कहा कि इन मांगों पर कार्रवाई होने तक विपक्ष NEET पेपर लीक मुद्दे पर किसी भी चर्चा में भाग नहीं लेगा.
सरकार चर्चा के लिए तैयार होने का कर चुकी है दावा
इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा था कि सरकार NEET मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को नई-नई शर्तें नहीं रखनी चाहिए. सरकार का कहना है कि वह परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर सदन में जवाब देने और चर्चा कराने के पक्ष में है.
विपक्षी सांसदों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सदन में माफी की मांग पर संसद में हंगामा हुआ. जिसके चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही 27 जुलाई तक स्थगित कर दी गई. विपक्ष का कहना है कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामले पर प्रधानमंत्री को स्वयं संसद में आकर जवाब देना चाहिए और शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।



