Aman Arora ED Raid : चंडीगढ़। पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अरोड़ा ने कहा कि राज्य और चंडीगढ़ में हुई ईडी की हालिया छापेमारी से जुड़े बयान में उनका नाम जोड़कर उन्हें जानबूझकर बदनाम करने की कोशिश की गई है। दरअसल, ईडी ने बृहस्पतिवार को मोहाली और चंडीगढ़ में दो रियल एस्टेट समूहों के खिलाफ धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले की जांच के तहत छापेमारी की थी। इन कंपनियों पर भूमि उपयोग में कथित धोखाधड़ी और निवेशकों को ठगने के आरोप हैं।
एजेंसी ने मोहाली (एसएएस नगर) और चंडीगढ़ में सनटेक सिटी परियोजना (आईसीएचबीएस या इंडियन कोऑपरेटिव हाउसिंग बिल्डिंग सोसाइटी द्वारा विकसित), इसके प्रवर्तक अजय सहगल, एबीएस टाउनशिप्स, अल्टस स्पेस बिल्डर्स, धीर कंस्ट्रक्शंस और इनसे जुड़े लगभग एक दर्जन ठिकानों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत छापेमारी की।
एजेंसी ने दावा किया कि धीर कंस्ट्रक्शंस के मालिक गौरव धीर नाम के एक व्यवसायी ने अपने ‘सनसिटी प्रोजेक्ट्स’ के माध्यम से अल्टस परियोजना को 130 करोड़ रुपये में ‘कम आंककर’ खरीदा था। ईडी ने दावा किया कि धीर वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा के ‘करीबी सहयोगी’ हैं। अरोड़ा ने यहां मीडिया से कहा कि उन्हें आश्चर्य है कि उनका नाम ईडी की छापेमारी से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अपने पहले बयान में ईडी ने न तो उनका नाम लिया और न ही गौरव धीर का।
‘आप’ नेता ने कहा लेकिन आधे घंटे बाद ईडी ने एक और बयान जारी किया, जिसमें बाकी सब कुछ वैसा ही रहा, लेकिन उसमें यह उल्लेख किया गया कि ‘गौरव धीर, आम आदमी पार्टी के एक उच्च पदस्थ नेता अमन अरोड़ा के करीबी सहयोगी हैं’। उन्होंने दावा किया, ‘‘मुझे बदनाम करने के लिए ही मेरा नाम (बयान में) जोड़ा गया है।’’ अरोड़ा ने मामले की जांच की मांग की।



