Share Market Update News : मुंबई। शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और निवेशकों की बिकवाली के दबाव के चलते बीएसई सेंसेक्स 1,092 अंक टूटकर 74,775 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी भी 359 अंक की गिरावट के साथ 23,547 अंक पर आ गया। बाजार में आई इस बड़ी गिरावट से निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। आईटी, बैंकिंग और मेटल सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। विशेषज्ञों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों की निकासी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया।
इन कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट और तेजी
शुक्रवार को सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से पावर ग्रिड, इंटरग्लोब एविएशन, एनटीपीसी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील और बजाज फाइनेंस के शेयर प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। दूसरी तरफ, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, लार्सन एंड टुब्रो और इन्फोसिस के शेयरों में तेजी का रुझान रहा। रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, ‘कारोबार के अंतिम घंटे में तगड़ी संस्थागत बिकवाली होने से अधिकांश शेयरों ने अपनी बढ़त गंवा दी और बड़े नुकसान के साथ बंद हुए। रिलायंस और आईटीसी जैसे प्रमुख शेयरों में कमजोरी ने इस गिरावट को बढ़ाने का काम किया।’
भारतीय मौसम-विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने जून से सितंबर के दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान देश में वर्षा दीर्घकालिक औसत (एलपीए) के 90 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। पूर्वोत्तर क्षेत्र में सामान्य बारिश होने का अनुमान है, जबकि अन्य हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘आईएमडी के इस अनुमान के बाद बाजार में व्यापक बिकवाली देखी गई। कम वर्षा और अल नीनो प्रभावों के चलते खाद्य मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। हालांकि, कच्चे तेल की नरम कीमतों और बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट से जोखिम कुछ हद तक सीमित रहा।’
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.52 प्रतिशत गिरकर 92.29 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। लाइवलोंग वेल्थ के संस्थापक एवं शोध विश्लेषक हरिप्रसाद के. ने कहा कि अमेरिका-ईरान संघर्षविराम को लेकर स्पष्टता नहीं होने से वैश्विक निवेशक सतर्क रहे, जिससे इक्विटी बाजारों में जोखिम लेने की प्रवृत्ति सीमित रही। व्यापक बाजार में छोटी कंपनियों का बीएसई स्मालकैप सूचकांक 1.26 प्रतिशत गिर गया जबकि मझोली कंपनियों के मिडकैप सूचकांक में 0.73 प्रतिशत की गिरावट रही। क्षेत्रवार सूचकांकों में तेल एवं गैस खंड में सर्वाधिक 2.75 प्रतिशत की गिरावट रही जबकि धातु खंड में 2.30 प्रतिशत, उपयोगिता खंड में 2.23 प्रतिशत और ऊर्जा खंड में 2.08 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,599 कंपनियों के शेयर गिरकर बंद हुए जबकि 1,670 कंपनियों में तेजी रही और 194 अन्य अपरिवर्तित रहे। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक बढ़त में बंद हुए, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट गिरावट में रहा। यूरोपीय बाजारों में कारोबार के दौरान तेजी का रुख रहा। अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।
भारतीय शेयर बाजार ईद-उल-अजहा के कारण बृहस्पतिवार को बंद रहे थे। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 1,042.70 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की थी। बुधवार को सेंसेक्स 141.90 अंक गिरकर 75,867.80 अंक और निफ्टी 6.55 अंक फिसलकर 23,907.15 अंक पर बंद हुआ था।



