Shyamkanu Mahanta Bail Rejected : गुवाहाटी। गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने जुबिन गर्ग मौत मामले में मुख्य आरोपी श्यामकानु महंत की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी के फरार होने और सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति मिताली ठाकुरिया की एकल पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलों को विस्तार से सुनने के बाद यह फैसला सुनाया।
हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका
अदालत ने कहा कि मामले की गंभीरता और जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए जमानत देना उचित नहीं होगा। इससे पहले 30 अप्रैल को विशेष त्वरित अदालत भी श्यामकानु महंत की जमानत याचिका खारिज कर चुकी थी। असम के महाधिवक्ता देवजीत सैकिया ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘आरोपी ने निचली अदालत के जमानत खारिज करने के आदेश को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार करने के बाद आज श्यामकानु महंत की जमानत याचिका खारिज कर दी।’ उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने पाया कि महंत के फरार होने की आशंका है और वह चल रही सुनवाई से बचने का प्रयास कर सकता है। सैकिया ने कहा, ‘‘उसने पहले अपने मोबाइल का पूरा डेटा उड़ा दिया था। अभियोजन पक्ष ने काफी प्रयास के बाद उसे पुनः प्राप्त किया। इसलिए अदालत ने माना कि आरोपी द्वारा साक्ष्यों से छेड़छाड़ किए जाने की संभावना है।’ उन्होंने बताया कि महंत पर सह-आरोपियों को प्रभावित करने का भी आरोप है और अदालत ने गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका भी जताई।
श्यामकानु, असम के पूर्व पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत का छोटा भाई है। भास्कर ज्योति महंत असम राज्य सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त भी रह चुके हैं। गुवाहाटी विश्वविद्यालय के कुलपति ननी गोपाल महंत उनके बड़े भाई हैं। ननी गोपाल महंत मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के शिक्षा सलाहकार भी रह चुके हैं, विशेष त्वरित अदालत की न्यायाधीश शर्मिला भुइयां ने 26 मई को इस मामले में गिरफ्तार सात आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। प्रसिद्ध असमिया गायक जुबिन गर्ग की पिछले वर्ष 19 सितंबर को सिंगापुर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वह ‘नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल’ के चौथे संस्करण में शामिल होने के लिए सिंगापुर गए थे।
मामले में ‘नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल’ के मुख्य आयोजक श्यामकानु महंत, गायक के प्रबंधक सिद्धार्थ शर्मा, बैंड सदस्य शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृत प्रभा महंत, उनके चचेरे भाई एवं असम पुलिस के डीएसपी संदीपन गर्ग तथा निजी सुरक्षा अधिकारी नंदेश्वर बोरा और प्रबीन वैश्य आरोपी हैं और जेल में बंद हैं। मुख्य आरोपी श्यामकानु महंत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की आठ अलग अलग धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं, जबकि सिद्धार्थ शर्मा पर सात आरोप तय किए गए हैं। गोस्वामी और अमृत प्रभा पर छह-छह, बोरा और वैश्य पर दो-दो तथा संदीपन गर्ग पर एक आरोप तय किया गया है। इन आरोपियों पर हत्या, गैर इरादतन हत्या, आपराधिक साजिश और लापरवाही से मौत का कारण समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
असम पुलिस के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के विशेष जांच दल (एसआईटी)ने राज्यभर में 60 से अधिक प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले की जांच की थी।सिंगापुर पुलिस बल की अलग जांच में किसी साजिश के साक्ष्य नहीं मिले थे। सिंगापुर की कोरोनर अदालत ने भी कहा था कि लोकप्रिय भारतीय गायक अत्यधिक नशे की हालत में थे और लाइफ जैकेट लेने से इनकार करने के बाद लाजारस द्वीप के पास समुद्र में डूब गए। असम के अधिकारियों ने कहा है कि सिंगापुर की जांच रिपोर्ट का यहां चल रहे मामले पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।



