आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी तैयारियों का संकेत दे दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और पंजाब के संगठन प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया ने कहा कि पार्टी पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और जीत के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी।
रविवार को अलवर में प्रदेशव्यापी नशा मुक्ति अभियान की शुरुआत करते हुए पूनिया ने पंजाब की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि नशा, अपराध और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार के प्रति लोगों में नाराजगी है। ऐसे माहौल में भाजपा खुद को पंजाब में एक राजनीतिक विकल्प के तौर पर मजबूत कर रही है।
पूनिया ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी आंतरिक विभाजन से जूझ रही है और ऐसे हालात में पंजाब में उसके राजनीतिक पुनर्जीवन की संभावना कम दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि भाजपा बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने के साथ सभी विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी तैयारी कर रही है।
नशा बनेगा बड़ा चुनावी मुद्दा
पंजाब की राजनीति में नशे की समस्या को भी भाजपा आगामी चुनाव में प्रमुख मुद्दे के तौर पर उठा सकती है। पूनिया ने कहा कि कभी खुशहाली और समृद्धि के लिए पहचाने जाने वाले पंजाब में नशे ने युवाओं को प्रभावित किया है। उन्होंने दावा किया कि नशे का नेटवर्क पंजाब से निकलकर देश के दूसरे हिस्सों तक भी फैल रहा है।
उन्होंने बताया कि भाजपा ने 18 से 30 सितंबर तक पंजाब में करीब 4 हजार किलोमीटर की चार यात्राएं निकालीं, जिनके जरिए सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचने का प्रयास किया गया। इन यात्राओं का उद्देश्य नशे के खिलाफ जागरूकता और जनमत तैयार करना बताया गया।
पूनिया ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य सिर्फ चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि पंजाब में सरकार बनाकर बेहतर शासन व्यवस्था स्थापित करना है। उन्होंने सत्ता में आने की स्थिति में निवेश, रोजगार, कानून-व्यवस्था, नशे पर नियंत्रण और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता देने की बात कही।
आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पूनिया का यह बयान भाजपा की चुनावी रणनीति और संगठनात्मक तैयारियों का संकेत माना जा रहा है। पार्टी अब 117 सीटों पर अपने संगठन और चुनावी अभियान को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कह रही है।



