Punjab Trust Vote 2026 : चंडीगढ़। पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने विधानसभा में अपना बहुमत साबित करते हुए विश्वास प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित करा लिया। इस दौरान पार्टी विधायकों ने एकजुटता दिखाते हुए साफ कहा कि वे हर हाल में पार्टी के साथ चट्टान की तरह खड़े रहेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विशेष सत्र में प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि ‘आप’ न केवल मजबूत है, बल्कि लगातार विस्तार भी कर रही है। उन्होंने उन अफवाहों को खारिज किया, जिनमें पार्टी के कमजोर होने या विधायकों के पाला बदलने की बात कही जा रही थी। गौरतलब है कि यह कदम अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी के सात राज्यसभा सदस्यों के हाल ही में भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद उठाया गया है। इसके बावजूद, विधानसभा में शक्ति प्रदर्शन के जरिए सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पार्टी संगठन और विधायकों में कोई टूट नहीं है।
जम्मू-कश्मीर से लेकर गोवा तक, हमारी पार्टी की मौजूदगी : मान
मान ने सदन में विश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि ऐसी अफवाहें हैं कि ‘आप’ का सफाया हो जाएगा और उसके विधायक पाला बदल लेंगे, इससे लोगों के मन में भ्रम की स्थिति पैदा होती हैं। विपक्षी विधायकों की अनुपस्थिति में सरकार द्वारा पेश विश्वास प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा, पार्टी मजबूत है। जम्मू-कश्मीर से लेकर गोवा तक, पार्टी की मौजूदगी है। जम्मू-कश्मीर के डोडा में हमारा एक विधायक है। पंजाब में हमारी सरकार सफलतापूर्वक चल रही है। दिल्ली में हम विपक्ष में हैं। गुजरात में हमारे पांच और गोवा में दो विधायक हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा ‘आप’ के विभिन्न स्थानीय निकायों में महापौर, पार्षद, सरपंच हैं, पार्टी की राष्ट्रीय स्तर पर उपस्थिति है।’’
मान ने कहा, हमने कड़ी मेहनत से पार्टी का गठन किया है और हम चट्टान की तरह (पार्टी अध्यक्ष अरविंद)केजरीवाल के साथ खड़े हैं। सत्तारूढ़ दल ने इससे पहले सभी विधायकों को एक दिवसीय सत्र में उपस्थित होने के लिए ‘व्हिप’ जारी किया था। पंजाब की 117 सदस्यीय विधानसभा में आप को भारी बहुमत प्राप्त है और उसके पास 94 विधायक हैं। सदन में कांग्रेस के 16, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का एक, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के तीन, भाजपा के दो विधायक हैं जबकि एक निर्दलीय विधायक है। मान जब सदन में विश्वास प्रस्ताव पेश कर रहे थे तो निर्दलीय विधायक राणा इंद्रजीत सिंह को छोड़कर कोई विपक्षी सदस्य मौजूद नहीं था। कांग्रेस ने सत्र से बहिर्गमन कर दिया था जबकि भाजपा ने इस विशेष सत्र का बहिष्कार किया है। शिअद और बसपा के विधायक भी सदन में नहीं थे। प्रस्ताव का अनुमोदन करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आप के सात राज्यसभा सदस्यों के दलबदल को लेकर भाजपा नीत केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की।
हम अपनी आखिरी सांस तक ‘आप’ के वफादार सिपाही बने रहेंगे : अनमोल गगन
चीमा ने भाजपा सरकार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) सहित केंद्रीय एजेंसियों का राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ ‘दुरुपयोग’ करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ‘‘गुंडागर्दी’’ कर रही है। पार्टी विधायक मनजीत सिंह बिलासपुर ने कहा कि वह ‘आप’ के साथ चट्टान की तरह खड़े रहेंगे। निहाल सिंह वाला सीट से विधायक बिलासपुर ने कहा, हम पार्टी के साथ हैं और पार्टी में बने रहेंगे। मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि आप सरकार ने पिछले चार वर्षों में जन कल्याण के लिए ऐसा काम किया है जो पिछली सरकारों ने पिछले 70 वर्षों में नहीं किया था।
खरड़ सीट से विधायक अनमोल गगन मान ने कहा, हम अपनी आखिरी सांस तक ‘आप’ के वफादार सिपाही बने रहेंगे। आप को 24 अप्रैल को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसके 10 राज्यसभा सदस्यों में से सात – राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल – ने पार्टी के सिद्धांतों, मूल्यों और मूल सिद्धांतों से भटकने का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। पार्टी छोड़ने वाले सात सांसदों में से छह पंजाब से निर्वाचित हुए हैं। राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर सातों सांसदों के भाजपा में विलय को मंजूरी दे दी, जिससे उच्च सदन में आप के सदस्यों की संख्या घटकर तीन रह गई।



