नई दिल्ली। कानूनी पेशे से जुड़े पेशेवरों के लिए केंद्र सरकार ने नोटरी बनने की आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने नोटरी पोर्टल पर ‘फ्रेश एप्लिकेशन मॉड्यूल’ लॉन्च किया, जिससे अब पात्र अधिवक्ता और विधि पेशेवर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक बनाना है। नया मॉड्यूल मौजूदा नोटरी पोर्टल के साथ एकीकृत किया गया है और इसमें उपयोगकर्ता के अनुकूल इंटरफेस के साथ स्वचालित प्रक्रिया भी जोड़ी गई है, जिससे आवेदन की जांच और निस्तारण पहले की तुलना में अधिक सरल होगा। विधि मंत्रालय के अनुसार, अब नोटरी बनने के इच्छुक योग्य अधिवक्ता घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
आवेदन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी होगी, जिससे कागजी कार्रवाई में कमी आएगी और समय की भी बचत होगी। इसके अलावा, विभिन्न चरणों की निगरानी भी ऑनलाइन की जा सकेगी। इस अवसर पर अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि यह पहल ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार न्यायिक और कानूनी सेवाओं को तकनीक से जोड़कर अधिक पारदर्शी और नागरिक केंद्रित व्यवस्था विकसित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नोटरी पदों की आवश्यकता के अनुसार समय-समय पर इसी पोर्टल के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। आवेदन से संबंधित दिशा-निर्देश और पात्रता की विस्तृत जानकारी भी पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि आवेदकों को पूरी प्रक्रिया में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
सरकार का मानना है कि इस डिजिटल मॉड्यूल के लागू होने से नोटरी नियुक्ति प्रक्रिया अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी। साथ ही, कानूनी पेशेवरों को सरकारी सेवाओं तक आसान और तेज पहुंच मिल सकेगी, जिससे देश में ई-गवर्नेंस को भी नई मजबूती मिलेगी।



