Friday, April 17, 2026
HomeLatest Newsकोलकाता में कई ठिकानों पर IT रेड, TMC नेताओं पर कार्रवाई से...

कोलकाता में कई ठिकानों पर IT रेड, TMC नेताओं पर कार्रवाई से सियासी घमासान, पार्टी ने केंद्र पर साधा निशाना

आयकर विभाग ने देबाशीष कुमार और मिराज शाह समेत कोलकाता के कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई चुनाव से पहले संदिग्ध धन के प्रवाह की जांच के तहत की गई। अधिकारियों ने बताया कि अभियान शहर भर में एक व्यापक जांच का हिस्सा है। तृणमूल कांग्रेस ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पार्टी नेताओं का आरोप है कि चुनाव से पहले एजेंसियों का इस्तेमाल कर डराने की कोशिश की जा रही है, जबकि प्रशासन ने स्थिति संभालने के लिए सुरक्षा बल तैनात किए।

Income Tax Raid Kolkata : कोलकाता। आयकर विभाग ने रासबिहारी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे तृणमूल कांग्रेस के विधायक देबाशीष कुमार के आवास और भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उम्मीदवारी के प्रस्तावक मिराज शाह के आवास समेत शहर में कई स्थानों पर शुक्रवार को तलाशी अभियान चलाया। तृणमूल ने आरोप लगाया कि 23 और 29 अप्रैल को मतदान से कुछ दिन पहले की गई छापेमारी का मकसद पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी को “परेशान करना और डराना” था।

चुनाव से पहले कोलकाता में आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई

आयकर विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आयकर अधिकारियों के विभिन्न समूहों ने सुबह करीब छह बजे कुमार के आवास, चुनाव कार्यालय और उनसे जुड़ी कई अन्य संपत्तियों पर तलाशी शुरू की और छापेमारी जारी है। एक साथ तलाशी अभियान के तहत, दक्षिण कोलकाता के एल्गिन रोड स्थित मिराज शाह के आवास पर भी तलाशी ली गई। शाह का संबंध एक स्थानीय शिक्षण संस्थान से बताया जाता है और वह विभिन्न धर्मों के उन चार व्यक्तियों में से एक थे, जिन्होंने चुनाव नामांकन में तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो का नाम प्रस्तावित किया था। लगभग उसी समय आयकर विभाग ने देबाशीष कुमार के करीबी सहयोगी और तृणमूल नेता कुमार साहा के कालीघाट स्थित आवास पर भी छापा मारा था।

अधिकारी ने बताया कि ये छापे विधानसभा चुनावों से पहले शहर भर के कई स्थानों पर बिना हिसाब-किताब वाले, बिना ऑडिट किए गए धन के प्रवाह का पता लगाने के लिए चलाए गए एक व्यापक अभियान का हिस्सा थे। कुमार को कथित भूमि धोखाधड़ी मामले के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय ने हाल में कई बार तलब किया था। उन्हें एक, तीन और नौ अप्रैल को सॉल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में पूछताछ के लिए बुलाया गया था और वह एजेंसी के समक्ष पेश हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि ईडी का उद्देश्य यह पता लगाना था कि क्या कुमार का उस व्यवसायी के साथ कोई वित्तीय लेनदेन था, जिसकी संपत्ति की हाल ही में केंद्रीय एजेंसी द्वारा तलाशी ली गई थी।

TMC ने केंद्र सरकार पर राजनीतिक बदले का आरोप लगाया

छापेमारी की निंदा करते हुए, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयप्रकाश मजूमदार ने कहा, “तृणमूल कांग्रेस और यहां तक ​​कि उससे सीधे तौर पर जुड़े न होने वाले प्रमुख व्यक्तियों को निशाना बनाकर की गई छापेमारी से नरेन्द्र मोदी-अमित शाह सरकार की प्रतिशोधी प्रवृत्ति उजागर हो गई है। उन्होंने कहा, चुनाव से पहले, केंद्रीय एजेंसियां ​​पश्चिम बंगाल में अति सक्रिय हो गई हैं और उनका एकमात्र उद्देश्य टीएमसी को परेशान करना और डराना है। बंगाल की जनता उन्हें (भाजपा को) चुनावों में फिर से नकार देगी।

रासबिहारी और भवानीपुर दोनों विधानसभा क्षेत्रों में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होगा और मतगणना चार मई को निर्धारित है। छापेमारी के बाद कुमार के आवास के बाहर तनाव का माहौल रहा और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ नारे लगाए।अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को संभालने के लिए केंद्रीय बलों के जवानों को तैनात किया गया था।

Mukesh Kumar
Mukesh Kumarhttps://jagoindiajago.news/
समाचार लेखन की दुनिया में एक ऐसा नाम जो सटीकता, निष्पक्षता और रचनात्मकता का सुंदर संयोजन प्रस्तुत करता है। हर विषय को गहराई से समझकर उसे आसान और प्रभावशाली अंदाज़ में पाठकों तक पहुँचाना मेरी खासियत है। चाहे वो ब्रेकिंग न्यूज़ हो, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण या मानवीय कहानियाँ – मेरा उद्देश्य हर खबर को इस तरह पेश करना है कि वह सिर्फ जानकारी न बने बल्कि सोच को भी झकझोर दे। पत्रकारिता के प्रति यह जुनून ही मेरी लेखनी की ताकत है।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular