जयपुर। नीट-पीजी 2026 परीक्षा के दौरान जयपुर के सितापुरा स्थित परीक्षा केंद्र पर बिजली आपूर्ति बाधित होने के मामले में टीसीएस आयन ने गहरा खेद जताया है। कंपनी ने कहा है कि केंद्र पर लगातार दो दिनों तक बिजली से जुड़ी समस्या सामने आई और इसे दूर करने के लिए विशेषज्ञ टीम तत्काल काम कर रही है। कंपनी ने भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बनने देने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का भरोसा दिया है।
30 अगस्त को आयोजित नीट-पीजी परीक्षा के दौरान जयपुर के दो डिजिटल परीक्षा केंद्रों पर बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी। इससे कई अभ्यर्थियों को परीक्षा देने में परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए पांच सितंबर को दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है।
टीसीएस आयन के प्रमुख वेंगुस्वामी रामास्वामी ने कहा कि देशभर में 1,111 केंद्रों पर 2.63 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने नीट-पीजी परीक्षा दी। वहीं, 58 केंद्रों पर 21 हजार से अधिक अभ्यर्थियों के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की साझा भर्ती परीक्षा भी आयोजित की गई। इन दोनों परीक्षाओं के दौरान जयपुर के सितापुरा केंद्र पर आंतरिक बिजली आपूर्ति में समस्या आई। कंपनी के अनुसार, स्थानीय विद्युत व्यवस्था में आई समस्या के कारण ऐसा हुआ, हालांकि इसके सटीक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
कंपनी ने परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए कहा कि विद्युत व्यवस्था के रखरखाव से जुड़ी विशेषज्ञ टीम समस्या को जल्द ठीक करने में जुटी है। संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर प्रभावित अभ्यर्थियों की परीक्षा जल्द पूरी कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
तीन सदस्यीय समिति करेगी जांच
मामले की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। इसकी अध्यक्षता राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की प्रधान सचिव गायत्री राठौड़ करेंगी। समिति यह पता लगाएगी कि परीक्षा के दौरान बिजली आपूर्ति क्यों बाधित हुई और इसके पीछे कौन से कारण जिम्मेदार थे।
समिति में राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के वरिष्ठ अभियंता को शामिल किया गया है।
परीक्षा व्यवस्था में तकनीकी और आधारभूत सुविधाओं की जिम्मेदारी से जुड़े पक्षों की भूमिका पर भी विचार किया जा रहा है। अधिकारियों के स्तर पर तत्काल बैठक कर आगे की कार्रवाई तय करने की तैयारी है। पांच सितंबर को होने वाली दोबारा परीक्षा को देखते हुए परीक्षा केंद्रों की बिजली और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की दोबारा जांच पर भी जोर दिया जा रहा है।



