PM Modi Appeal To Indians: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के कारण उत्पन्न वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के मद्देनजर 24 घंटे में दूसरी बार ईंधन बचाने और बचत के प्रयासों को तेज करने की अपील की. उन्होंने विदेशों में जाकर विवाह करने के चलन ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ से बचने और खाद्य तेलों की खपत कम करने की अपील की.साथ ही उन्होंने स्कूली छात्रों के लिए अस्थायी ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करने का सुझाव दिया.
पीएम मोदी ने नागरिकों से ईंधन की खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक उपयोग करने की अपनी अपील को दोहराया और लोगों से इस संकट को देखते हुए सोने की खरीद कुछ समय के लिए टालने की अपील की. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे विदेश यात्रा सीमित करें और जिस व्यवस्था को महामारी के दौरान अपनाया गया उसी तरह अब इस विकल्प का चुनें ताकि ईंधन की बचत हो सके.
पश्चिम एशिया संकट का भारत पर प्रभाव किया स्वीकार
प्रधानमंत्री ने 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के साथ शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के भारत पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को स्वीकार किया. इस संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं और वैश्विक तेल कीमतों में भारी उछाल आया. उन्होंने कहा कि पहले कोविड-19 महामारी का संकट आया, उसके बाद वैश्विक आर्थिक चुनौतियां आईं और अब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ रहा है. इन सभी परिस्थितियों का प्रभाव पूरी दुनिया में लगातार महसूस किया जा रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है.’
#WATCH | Gujarat: Prime Minister Narendra Modi says, "Even in the earlier decades, whenever the country has gone through war or any other major crisis, every citizen has fulfilled their responsibility in the same way in response to the government's appeal. Today, too, there is a… pic.twitter.com/ydS8y5AApC
— ANI (@ANI) May 11, 2026
संकट के समय एकजुट होने का आह्वान
पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में संघर्ष से उत्पन्न स्थिति को इस दशक के प्रमुख संकटों में से एक बताया. उन्होंने कहा-‘जिस तरह हम कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में एकजुट थे, उसी तरह हम इस संकट से भी निश्चित रूप से पार पा लेंगे. डिजिटल तकनीक ने कई चीजों को आसान बना दिया है. उन्होंने सरकारी और निजी दोनों कार्यालयों में डिजिटल बैठकों और घर से काम करने की व्यवस्था को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया. मैं कुछ स्कूलों से भी आग्रह करूंगा कि वे फिलहाल ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था को प्राथमिकता दें.’
#WATCH | Gujarat: Prime Minister Narendra Modi says, "… I appeal to every citizen of my country to reduce the use of petrol-diesel as much as possible. Use the metro, make greater use of electric buses and public transport, and promote carpooling. Those who have a car should… pic.twitter.com/85GGOgBh2W
— ANI (@ANI) May 11, 2026
उन्होंने बताया कि भारत आयात पर विदेशी मुद्रा के रूप में लाखों करोड़ रुपये खर्च करता है और कहा कि विदेशों से मंगाई जाने वाली वस्तुओं की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जबकि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं बाधित हो गई हैं. प्रधानमंत्री ने कहा, छोटे-बड़े हर प्रयास से हमें आयातित उत्पादों की खपत कम करनी चाहिए और विदेशी मुद्रा खर्च को बढ़ाने वाली निजी गतिविधियों से बचना चाहिए.’
डेस्टिनेशन वेडिंग से बचने की अपील
प्रधानमंत्री ने लोगों से विदेश में छुट्टियां मनाने और ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ करने से बचने की अपील की क्योंकि ऐसी गतिविधियों में विदेशी मुद्रा का काफी खर्च होता है. उन्होंने कहा, ‘यह जरूरी है कि हम अपनी छुट्टियां भारत में ही मनाएं.’ उन्होंने कहा कि गुजरात के एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जैसी जगहें पर्यटन और ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ के लिए एक प्रमुख केंद्र बन सकती हैं.
#WATCH | Gujarat: Prime Minister Narendra Modi says, "Over the past few years, the world has been continuously passing through unstable circumstances. First, the crisis of COVID, then global economic challenges, and now the rising tensions in West Asia. The impact of all these… pic.twitter.com/HdPPptNobU
— ANI (@ANI) May 11, 2026
‘वोकल फॉर लोकल’ को एक जन आंदोलन में बदला जाए’
उन्होंने कहा, ‘समय की मांग है कि ‘वोकल फॉर लोकल’ को एक जन आंदोलन में बदला जाए और विदेशी वस्तुओं के बजाय स्थानीय उत्पादों को अपनाया जाए.’ मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक प्रयास देश की सबसे बड़ी ताकत बन सकते हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी संकट को देश के विकास पथ में बाधा नहीं बनने देना चाहिए.



