Vaibhav Suryavanshi News : नई दिल्ली। भारत के पूर्व तेज गेंदबाज अतुल वासन (Atul Wassan) ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) की जमकर सराहना करते हुए उन्हें भविष्य का बड़ा सितारा बताया है। वासन ने कहा कि उन्हें सूर्यवंशी में शुरुआती दौर के सचिन तेंदुलकर की झलक दिखाई देती है। उन्होंने बताया कि वैभव की परिपक्वता, साहस और बेखौफ बल्लेबाजी रवैया उन्हें 1989 के पाकिस्तान दौरे की याद दिलाता है, जब युवा तेंदुलकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने खेल से सभी को प्रभावित किया था। उस दौर में तेंदुलकर ने वसीम अकरम, वकार यूनिस और इमरान खान जैसे दिग्गज गेंदबाजों का सामना बेहद आत्मविश्वास के साथ किया था।

सूर्यवंशी ने आईपीएल में छोड़ी छाप
सूर्यवंशी ने हाल में समाप्त हुए आईपीएल में अपनी विशेष छाप छोड़ी। वह 16 पारियों में 237.30 के प्रभावशाली स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाकर टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शीर्ष पर रहे। इस 15 वर्षीय इस खिलाड़ी ने जसप्रीत बुमराह, कैगिसो रबाडा और पैट कमिंस जैसे विश्व के कुछ शीर्ष गेंदबाजों के खिलाफ अपने बेखौफ रवैए से सबको प्रभावित किया।

वासन ने पीटीआई से कहा, वह लाखों में एक है। वह विलक्षण प्रतिभा है। यह लड़का जिस तरह की परिपक्वता और दिलेरी दिखा रहा है, क्या आप उसकी कल्पना कर सकते हैं। वह मुझे 16 साल के सचिन तेंदुलकर की याद दिलाता है। उन्होंने कहा, मैंने सचिन को देखा। मैंने (1989 के पाकिस्तान दौरे के दौरान) उनकी खेल को लेकर परिपक्वता और जोखिम उठाने का साहस देखा था। ईश्वर ने उन्हें (सूर्यवंशी) कौशल और ताकत के साथ तुरुप का इक्का होने का भी वरदान दिया है। तेंदुलकर ने 1989 में 16 साल की उम्र में पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। पाकिस्तान की उस टीम में वसीम अकरम, वकार यूनिस, अब्दुल कादिर और इमरान खान जैसे दिग्गज गेंदबाज शामिल थे जिनका तेंदुलकर ने डटकर सामना किया था।
टेस्ट क्रिकेट की कड़ी चुनौती का सामना करने के लिए उचित मार्गदर्शन
वासन ने कहा, उसे (सूर्यवंशी) अभी लंबा सफर तय करना है। मुझे उम्मीद है कि सचिन की तरह उसके लिए भी सब कुछ सहजता से आगे बढ़ेगा। ईश्वर ने उन्हें विशेष प्रतिभा से नवाजा है। इस पूर्व तेज गेंदबाज ने कहा कि सूर्यवंशी को उचित मार्गदर्शन की जरूरत है तथा उन्हें केवल टी20 विशेषज्ञ नहीं माना जाना चाहिए और एक संपूर्ण क्रिकेटर के रूप में उनका विकास होना चाहिए। वासन ने कहा, मुझे बस इस बात की चिंता है कि क्या उसे टेस्ट क्रिकेट की कड़ी चुनौती का सामना करने के लिए उचित मार्गदर्शन मिल रहा है। उसके पास खेल की समझ है। लेकिन क्या उसके पास सिर्फ छक्के लगाने से बढ़कर भी कोई कौशल है।
दिल्ली के पूर्व कप्तान ने आगाह किया कि इस युवा खिलाड़ी पर उनके करियर के शुरू में ही रिकॉर्ड तोड़ने की उम्मीदों का बोझ डालना उचित नहीं है। वासन ने कहा, उस पर रिकॉर्ड तोड़ने का बोझ डालना सही नहीं होगा। उसे रिकॉर्ड के बारे में नहीं सोचना चाहिए और न ही उसे इस बारे में सोचने के लिए मजबूर किया जाना चाहिए। उसे तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और विराट कोहली जैसा संपूर्ण खिलाड़ी बनने की कोशिश करनी चाहिए।



