Supreme Court New Judges : नई दिल्ली। भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने उच्चतम न्यायालय के पांच नए न्यायाधीशों को मंगलवार को पद की शपथ दिलाई और इसके साथ ही शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 37 हो गई जो अब तक की सर्वाधिक संख्या है।

सुप्रीम कोर्ट के पांच नए जजों ने शपथ ली
प्रधान न्यायाधीश ने वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना, न्यायमूर्ति शील नागू, न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर, न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति अरुण पल्ली को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पद की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह उच्चतम न्यायालय परिसर में आयोजित किया गया। शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की संख्या अब 37 हो गई है जो बढ़ाई गई स्वीकृत संख्या 38 से एक कम है। केंद्र ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नागू, बंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सचदेवा, जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पल्ली तथा वरिष्ठ अधिवक्ता मोहना को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त किए जाने को सोमवार को मंजूरी दी थी। सरकार ने पिछले महीने एक कानून में संशोधन के लिए अध्यादेश जारी किया था जिसके तहत भारत के प्रधान न्यायाधीश सहित उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी गई।
वीएस मोहना बनीं सीधे सुप्रीम कोर्ट जज बनने वाली महिला
वरिष्ठ अधिवक्ता वी. एस. मोहना की सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति भारतीय न्यायपालिका के लिए एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। वह जस्टिस इंदु मल्होत्रा के बाद देश की दूसरी ऐसी महिला हैं, जिन्हें सीधे बार (वकालत) से सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। इससे पहले जस्टिस इंदु मल्होत्रा को वर्ष 2018 में सीधे वरिष्ठ वकील से सर्वोच्च न्यायालय का जज बनाया गया था।
59 वर्षीय वी. एस. मोहना ने वर्ष 1988 में कोयंबटूर लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने लंबे समय तक कानूनी क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई और कई महत्वपूर्ण मामलों में पक्ष रखा। उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए वर्ष 2015 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता (Senior Advocate) का दर्जा प्रदान किया गया था। मोहना की नियुक्ति के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में महिला न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय में जस्टिस वी. एस. मोहना और जस्टिस बी. वी. नागरत्ना महिला न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं।



