Tuesday, July 21, 2026
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पटवारी भर्ती-2021 फर्जीवाड़ा: डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलाकर पटवारी बना युवक गिरफ्तार, 5 लाख में हुआ था सौदा

पटवारी भर्ती परीक्षा-2021 में फर्जीवाड़े का खुलासा हो चुका है। SOG ने निलंबित पटवारी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने 5 लाख रुपये में डमी कैंडिडेट से परीक्षा दिलवाकर सरकारी नौकरी हासिल की थी। SOG जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा, अब दलाल और डमी अभ्यर्थी की भूमिका की भी जांच जारी है।

जयपुर(प्रज्ञा पांडे)। राजस्थान में पटवारी भर्ती परीक्षा-2021 से जुड़े फर्जीवाड़े की जांच में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। एसओजी ने आरोप लगाया है कि एक अभ्यर्थी ने खुद परीक्षा देने के बजाय डमी कैंडिडेट को बैठाकर परीक्षा पास की और बाद में पटवारी की सरकारी नौकरी हासिल कर ली। मामले में निलंबित पटवारी दिनेश कुमार विश्नोई को गिरफ्तार किया गया है। एसओजी के अनुसार, आरोपी दिनेश कुमार विश्नोई ने 23 अक्टूबर 2021 को उदयपुर में आयोजित पटवार भर्ती परीक्षा में अपने स्थान पर एक डमी अभ्यर्थी को बैठाया था। जांच में सामने आया कि परीक्षा प्रवेश पत्र पर फोटो बदलकर और कथित रूप से जाली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर यह फर्जीवाड़ा किया गया।

एडीजी एसओजी विशाल बंसल के अनुसार, इस मामले में एसओजी को एक गोपनीय शिकायत मिली थी। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद एसओजी थाने में मामला दर्ज किया गया और जांच आगे बढ़ाई गई। जांच में सामने आया कि मूल अभ्यर्थी दिनेश कुमार विश्नोई, पुत्र तुलसीराम, निवासी भादरूणा, तहसील सांचौर, जिला जालौर ने परीक्षा में अपनी जगह डमी अभ्यर्थी को बैठाया था। आरोप है कि इसी फर्जी तरीके से परीक्षा पास करने के बाद उसे पटवारी पद पर नियुक्ति मिल गई।

एसओजी की जांच में सामने आया कि दिनेश कुमार ने एक दलाल के माध्यम से डमी अभ्यर्थी की व्यवस्था की थी। इसके लिए कथित तौर पर 5 लाख रुपये नकद दिए गए थे। फर्जी तरीके से चयन के बाद दिनेश कुमार विश्नोई की नियुक्ति सिरोही जिले की पिंडवाड़ा तहसील के मंगरीवाड़ा पटवार हल्के में पटवारी के पद पर हुई। वर्तमान में वह निलंबित चल रहा था और उपखंड अधिकारी कार्यालय, पिंडवाड़ा में पदस्थापित था।

एसओजी ने मामले में कथित दलाल की पहचान चौथाराम विश्नोई (गिला), निवासी लियादरा, थाना झाब, जिला सांचौर के रूप में की है। वहीं डमी अभ्यर्थी के रूप में विक्रम विश्नोई, निवासी मीरपुरा, थाना करड़ा रानीवाड़ा, जिला जालौर का नाम सामने आया है। एसओजी अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि भर्ती परीक्षा में और कितने लोगों की भूमिका रही है। एसओजी की कार्रवाई ने एक बार फिर भर्ती परीक्षाओं में फर्जी तरीकों से चयन हासिल करने वाले मामलों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसी अब आरोपी से पूछताछ कर पूरे गिरोह की भूमिका और परीक्षा प्रक्रिया में हुई संभावित गड़बड़ियों की जानकारी जुटा रही है।

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