Parliament Monsoon Session: नीट पेपर लीक मामले को लेकर शुक्रवार को संसद के दोनों सदनों में जोरदार हंगामा हुआ. लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने ‘इस्तीफा-इस्तीफा’ के नारे लगाते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सदन में माफी मांगे. लगातार हंगामे के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही 27 जुलाई तक स्थगित कर दी गई. विपक्ष का कहना है कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामले पर प्रधानमंत्री को स्वयं संसद में आकर जवाब देना चाहिए और शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
सरकार बोली- आज ही चर्चा को तैयार
संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर आज ही सदन में चर्चा कराने के लिए तैयार है. उन्होंने विपक्ष से नई-नई शर्तें नहीं रखने की अपील करते हुए कहा कि लगातार गतिरोध से देश की छवि प्रभावित होती है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश को भरोसा दिलाया है। सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल तोड़ दी है और चर्चा की मांग की है। अगर हम चर्चा नहीं करेंगे, तो इससे देश में सही संदेश नहीं जाएगा.”
खड़गे ने पीएम से सदन में बयान की मांग की
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री को कुछ बोलना है, तो उन्हें सदन में बोलना चाहिए. उन्होंने कहा कि देर रात वीडियो संदेश जारी करने के बजाय प्रधानमंत्री को सदन में अपनी बात रखनी चाहिए, ताकि सांसद सीधे उनसे जवाब मांग सकें. खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री के सदन में दिए गए बयान को ही अधिक महत्व और विश्वसनीयता मिलेगी.
भाजपा ने सांसदों को जारी किया व्हिप
संसद में संभावित चर्चा और महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सभी सांसदों को शुक्रवार को सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है।
इसके अलावा दोपहर 1 बजे केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक भी प्रस्तावित है.
पीएम ने वीडियो संदेश में दिया था संकेत
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जारी वीडियो संदेश में कहा था कि पेपर लीक मामलों में कड़ी सजा से जुड़े प्रस्ताव को कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा. सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं.
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