Parliament Monsoon Session: संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सरकार की सिफारिश पर संसद के दोनों सदनों को बुलाने की मंजूरी दे दी है. इस दौरान राष्ट्रीय महत्व के कई मुद्दों पर चर्चा, बहस और महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित किए जाने की संभावना है. उन्होंने उम्मीद जताई कि मानसून सत्र में देशहित से जुड़े अहम विषयों पर सकारात्मक संवाद होगा.
सरकार ला सकती बड़े संविधान संशोधन विधेयक
सरकार इस सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक को पेश कर सकती है. माना जा रहा है कि इस विधेयक में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रावधान भी शामिल किया जा सकता है.
इन मुद्दों पर हंगामे के आसार
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है. NEET परीक्षा पेपर लीक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी का मामला, ग्रेट निकोबार परियोजना और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे की संभावना जताई जा रही है। इन मुद्दों को लेकर संसद के दोनों सदनों में तीखी बहस और गतिरोध देखने को मिल सकता है।
TMC और शिवसेना की बगावत भी रहेगी चर्चा में
सत्र के दौरान पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना (UBT) में हुए राजनीतिक घटनाक्रम भी सुर्खियों में रह सकते हैं. दोनों दलों के बागी सांसदों द्वारा अलग गुट के रूप में मान्यता की मांग पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के फैसले का इंतजार है. यदि इस पर फैसला आता है तो इसका असर संसद के राजनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है.
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