Panchana Dam : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अथक प्रयासों एवं राज्य सरकार की सकारात्मक पहल से 20 वर्ष बाद सोमवार को पांचना बांध से सिंचाई के लिए जल प्रवाह प्रारंभ किया गया. हालांकि, जल प्रवाह के दौरान अचानक आई एक तकनीकी खामी के कारण कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी निर्धारित समय पर नहीं पहुंच सका. स्थिति की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जल संसाधन विभाग एवं एसडीआरएफ की तकनीकी टीमों को मौके पर लगाया। विशेषज्ञों द्वारा युद्ध स्तर पर तकनीकी खामी को दूर करने का कार्य लगातार किया गया. मुख्यमंत्री दिल्ली प्रवास के दौरान पूरे घटनाक्रम की लगातार समीक्षा की और अधिकारियों से नियमित फीडबैक लेते रहे.

तकनीकी खामी को किया गया दूर
लिफ्ट परियोजना, कैनाल और नदी की ओर जाने वाले सभी निर्धारित गेट खोल दिए गए. जिस गेट में तकनीकी दिक्कत थी, उसे भी मंगलवार सुबह 4:50 बजे सफलतापूर्वक खोल दिया गया. इस कार्य के लिए भरतपुर, बीसलपुर और मथुरा से विशेषज्ञों को भी बुलाया गया. अधिकारियों के अनुसार, कुछ गेटों में लगभग 20 वर्षों से तकनीकी खराबी के कारण संचालन में समस्या आ रही थी. इस अभियान के दौरान उन गेटों को भी खोल दिया गया, जिससे पांचना समझौते के तहत जल प्रवाह पूरी तरह सुनिश्चित हो सका.

मंत्री ने किया जल प्रवाह का शुभारंभ
सोमवार दोपहर जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत और गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने पांचना बांध के गेटों का विधिवत पूजन किया. इसके बाद बटन दबाकर गंभीर नदी, कमांड क्षेत्र की नहरों और गुडला-पांचना लिफ्ट परियोजना के लिए एक साथ पानी छोड़ा गया.

21 गांवों के किसानों को मिलेगा लाभ
इस अवसर पर 61 करोड़ रुपये की लागत से गुडला-पांचना लिफ्ट परियोजना के जीर्णोद्धार और दो नई लिफ्ट परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया गया. बांध से पानी छोड़े जाने के बाद 21 राजस्व गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, जिससे खेती को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है. पांचना बांध से जल प्रवाह शुरू होने से क्षेत्र के किसानों में खुशी का माहौल है. लंबे समय से सिंचाई सुविधा का इंतजार कर रहे किसानों को अब फसलों के बेहतर उत्पादन और जल संकट से राहत मिलने की उम्मीद है.
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