पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित किए जाने का असर अब पाकिस्तान की रणनीति और बयानबाजी में साफ दिखाई देने लगा है। पाकिस्तान लगातार इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अब तक उसे कोई ठोस राहत नहीं मिली है।इसी बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को लेकर आक्रामक बयान दिया है। एक टीवी इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान की जल सुरक्षा को खतरा महसूस हुआ तो वह भारत के खिलाफ युद्ध का विकल्प भी चुन सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस मुद्दे पर हाल के सभी घटनाक्रमों की उन्हें पूरी जानकारी नहीं है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा यानी LoC पर अपनी निगरानी और सैन्य तैयारियों को बढ़ा दिया है। बताया जा रहा है कि कई सेक्टरों में एंटी-ड्रोन यूनिट्स तैनात की गई हैं। इसके अलावा AI आधारित निगरानी प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम को भी मजबूत किया गया है।सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने अफगान सीमा से कुछ सैन्य इकाइयों को हटाकर LoC के संवेदनशील इलाकों में तैनात किया है। वहीं चीन और तुर्किये के साथ सैन्य सहयोग भी बढ़ाया जा रहा है। चीन से आधुनिक लड़ाकू विमान और तुर्किये से ड्रोन तकनीक मिलने की खबरें भी सामने आई हैं।
भारत का रुख इस मामले में स्पष्ट है। सरकार का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं करता, तब तक सिंधु जल संधि को बहाल करने पर विचार नहीं किया जाएगा।



