Thursday, June 4, 2026
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NEET-UG पेपर लीक का राजस्थान कनेक्शन! आखिर सीकर के छात्रों तक कैसे पहुंचा पेपर?

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में राजस्थान का सीकर बड़ा केंद्र बनकर सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ कि लीक पेपर PDF के जरिए छात्रों तक पहुंचाया गया और इसके बदले लाखों रुपये वसूले गए। CBIअब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

NEET UG 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है. इस मामले में अब तक CBI 5 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि कई अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है. 3 मई को हुई परीक्षा के बाद पेपर लीक की जानकारी सामने आई थी, जिसके बाद सरकार ने परीक्षा रद्द कर दी.

जांच एजेंसियों के मुताबिक, NEET का लीक पेपर सबसे पहले यश यादव के जरिए राजस्थान पहुंचा. सूत्रों के अनुसार, यश की पहचान विकास बिवाल से थी. जांच में सामने आया है कि विकास बिवाल के पिता दिनेश बिवाल ने कथित तौर पर पेपर की हार्डकॉपी को स्कैन कर PDF फाइल में बदला. इसके बाद यह फाइल सीकर के कई कोचिंग छात्रों तक पहुंचाई गई.

छात्रों ने लीक पेपर के लिए 2 से 5 लाख लिए

जांच में यह भी सामने आया है कि छात्रों से लीक पेपर के बदले 2 लाख से 5 लाख रुपये तक लिए गए. वहीं, कुछ मामलों में यह रकम 10 से 15 लाख और यहां तक कि 25 से 30 लाख रुपये तक पहुंच गई. एजेंसियों का दावा है कि एक ही पेपर कई छात्रों को बेचकर करोड़ों रुपये का नेटवर्क खड़ा किया गया.

अब तक 5 लोगों की गिरफ्तारी

जांच एजेंसियां महाराष्ट्र के नासिक निवासी शुभम खैरनर को इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड मान रही हैं. हालांकि शुभम ने खुद को मास्टरमाइंड मानने से इनकार किया है. CBI ने अब तक शुभम खैरनर, मंगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल और यश यादव को गिरफ्तार किया है.

सीकर तक कैसे पहुंचा पेपर ?

राजस्थान पुलिस एसओजी के अनुसार, यह पेपर सबसे पहले सीकर के एक छात्र को उसके दोस्त के जरिए मिला. बाद में उसने इसे दूसरे छात्रों के साथ साझा किया. देखते ही देखते यह ‘गेस पेपर’ कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों में पढ़ने वाले छात्रों के बीच फैल गया.

अधिकारियों के मुताबिक, यह कथित गेस पेपर सबसे पहले केरल से एक छात्र द्वारा सीकर के हॉस्टल मालिक और कुछ दोस्तों को भेजा गया था. हॉस्टल मालिक ने इसे छात्रों के बीच साझा किया और बाद में खुद पुलिस को इसकी सूचना दी. जांच में यह भी सामने आया कि राजस्थान पहुंचने से पहले यह दस्तावेज हरियाणा के गुरुग्राम में रहने वाले एक व्यक्ति के जरिए आगे भेजा गया था. अब CBI इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है. कई शहरों में छापेमारी और पूछताछ जारी है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

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Premanshu Chaturvedi
Premanshu Chaturvedihttp://jagoindiajago.news
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