Rahul Gandhi On PM Modi: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि देश के छात्रों को प्रधानमंत्री की “क्षमा” की जरूरत नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए. राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए उन माता-पिता के प्रति संवेदना व्यक्त की, जिन्होंने पेपर लीक की घटनाओं के कारण अपने बच्चों को खो दिया. उन्होंने कहा कि संतान को खोने का दुख सबसे बड़ा होता है और यह पीड़ा जीवनभर बनी रहती है.
Nothing is more painful than seeing a parent grieve their child.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 1, 2026
Behind every young life lost is a family carrying pain that will never leave them – and serious questions about a broken education system.
Leaked papers. Cancelled exams. Years of preparation destroyed overnight.… pic.twitter.com/nzQE61zP14
कांग्रेस नेता ने कहा कि ऐसी घटनाएं देश की शिक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करती हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक, रद्द होने वाली परीक्षाओं और वर्षों की तैयारी के एक पल में बर्बाद हो जाने जैसी घटनाओं के बीच छात्रों से एक ऐसे तंत्र में ईमानदारी से मेहनत करने की अपेक्षा की जाती है, जो स्वयं बेईमान है. इसके बावजूद वह छात्रों को ‘माफ’ करने की बात करते हैं.
राहुल गांधी ने पीएम मोदी से पूछा सवाल
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि क्या उन्होंने उन परिवारों से मुलाकात की है, जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है, या उन छात्रों और अभिभावकों से मिले हैं जिनकी मेहनत, समय, पैसे और सपने पेपर लीक की घटनाओं से प्रभावित हुए हैं. उन्होंने कहा, ‘भारत के छात्रों को प्रधानमंत्री की क्षमा की जरूरत नहीं है. मोदी जी को उनसे माफी मांगनी चाहिए.’
प्रधानमंत्री ने क्या कहा था?
राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शुक्रवार को दिए गए बयान के बाद आई है. प्रधानमंत्री ने कहा था कि उन्हें इस बात का दुख है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान न केवल उन्हें बल्कि उनकी दिवंगत मां के लिए भी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया. इंस्टाग्राम पर जारी अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने प्रदर्शनकारी छात्रों को “गुमराह बच्चे” बताते हुए कहा था कि समाज में मौजूद आक्रोश को वह समझते हैं, लेकिन ऐसे युवाओं को माफ कर सही रास्ता दिखाने की जरूरत है.
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