Wednesday, August 5, 2026
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SDM थप्पड़कांड में नरेश मीणा कल करेंगे सरेंडर, जमानत रद्द होने के बाद नगरफोर्ट थाने पहुंचेंगे, पुलिस जुटा रही संपत्ति का ब्योरा

देवली-उनियारा एसडीएम थप्पड़कांड में भगत सिंह सेना प्रमुख नरेश मीणा गुरुवार को नगरफोर्ट थाने में सरेंडर करेंगे। जमानत रद्द होने के बाद पुलिस उनकी संपत्ति का रिकॉर्ड भी जुटा रही है।

टोंक। देवली-उनियारा उपचुनाव के दौरान एसडीएम को थप्पड़ मारने के चर्चित मामले में भगत सिंह सेना के प्रमुख नरेश मीणा गुरुवार (6 अगस्त) को नगरफोर्ट थाने में सरेंडर करेंगे। हाईकोर्ट से मिली सशर्त जमानत रद्द होने के बाद उनका यह सरेंडर काफी अहम माना जा रहा है। इस बीच पुलिस भी न्यायालय के निर्देशों के तहत उनकी चल और अचल संपत्तियों का रिकॉर्ड जुटाने में लगी हुई है। जानकारी के अनुसार, नरेश मीणा गुरुवार सुबह जयपुर से रवाना होंगे और टोंक होते हुए करीब 11 बजे नगरफोर्ट थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण करेंगे। उनके समर्थकों ने भी इस कार्यक्रम की जानकारी साझा की है।

जमानत रद्द होने के बाद बढ़ी कानूनी मुश्किलें

नरेश मीणा को करीब नौ महीने पहले हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी, लेकिन बाद में झालावाड़ में हुए एक प्रदर्शन के दौरान दोबारा गिरफ्तारी को अदालत ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन माना। इसके बाद टोंक की एससी/एसटी कोर्ट ने उनकी जमानत निरस्त कर दी। अदालत का मानना था कि जमानत मिलने के बाद निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया गया।

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क्या है पूरा मामला

यह मामला 13 नवंबर को देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के मतदान के दौरान सामने आया था। समरावता गांव के लोगों ने क्षेत्रीय मांगों को लेकर मतदान का बहिष्कार किया था। उस समय निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा भी ग्रामीणों के समर्थन में धरने पर बैठे थे।

आरोप है कि मतदान को लेकर विवाद के दौरान उन्होंने तत्कालीन एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया। घटना के अगले दिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था और बाद में न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा गया। इस प्रकरण में कई अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हुई थी, जबकि बाद में अधिकांश आरोपियों को जमानत मिल गई थी।

संपत्ति का रिकॉर्ड भी जुटा रही पुलिस

नगरफोर्ट थाना पुलिस ने अदालत के निर्देश पर नरेश मीणा की चल और अचल संपत्तियों का विवरण जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत बारां जिले की ग्राम पंचायत नयागांव (नानवता) के सरपंच को पत्र भेजकर संपत्ति संबंधी जानकारी मांगी गई है। पुलिस का कहना है कि प्राप्त रिकॉर्ड न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

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समर्थकों ने लगाए राजनीतिक आरोप

नरेश मीणा के समर्थकों का आरोप है कि सरकार उनकी बढ़ती लोकप्रियता से परेशान है और पंचायत चुनाव से पहले उन्हें कानूनी मामलों में उलझाकर राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को भी जमानत रद्द करने का आधार बनाया गया। अब सभी की नजरें गुरुवार को होने वाले सरेंडर और उसके बाद की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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