बारां/टोंक। राजस्थान में निर्दलीय नेता नरेश मीणा की रिहाई को लेकर एक बार फिर सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। बारां में सर्वसमाज के आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और आक्रोश रैली निकालकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने नरेश मीणा और पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा की रिहाई की मांग करते हुए राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इसी बीच पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने टोंक जेल में नरेश मीणा से मुलाकात की। जेल से बाहर आने के बाद गुढ़ा ने नरेश मीणा की तबीयत को लेकर बड़ा दावा किया, जिसके बाद मामला और गरमा गया है।
यह खबर भी पढ़ें:-जयपुर में नशे की लत का इलाज अब मुफ्त: SMS अस्पताल में शुरू हुई 10 बेड की IPD सुविधा
नरेश मीणा की रिहाई के लिए सड़कों पर उतरा सर्वसमाज
सर्वसमाज के आह्वान पर सोमवार को बारां जिले में बड़ी संख्या में लोग आक्रोश रैली में शामिल हुए। रैली भटवाड़ा-झाड़वा चौकी से शुरू होकर बारां के पब्लिक पार्क पहुंची। इसके बाद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने उपखंड अधिकारी रामावतार मीणा को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नरेश मीणा और पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा की रिहाई से जुड़ी मांगें रखी गईं।
सर्वसमाज की पहली प्रमुख मांग नरेश मीणा के खिलाफ झालावाड़ के कोतवाली थाने में दर्ज मामले की निष्पक्ष जांच कराने की रही। प्रदर्शनकारियों ने मामले में उपलब्ध वीडियो फुटेज की समीक्षा करने और इसके आधार पर नरेश मीणा को रिहा करने की मांग की। वहीं, दूसरी मांग अंता के पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा से जुड़ी रही। प्रदर्शनकारियों ने उनकी लंबे समय से लंबित दया याचिका पर जल्द निर्णय लेने और उनके खराब स्वास्थ्य को देखते हुए बाकी सजा माफ कर रिहाई की मांग की।
टोंक जेल में नरेश मीणा से मिले राजेंद्र गुढ़ा
इसी बीच पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा सोमवार को अचानक टोंक जेल पहुंचे। उन्होंने देवली-उनियारा विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा से बंद कमरे में मुलाकात की। मुलाकात के बाद गुढ़ा ने मीडिया से बातचीत में नरेश मीणा की तबीयत को लेकर दावा किया। उनके मुताबिक, नरेश मीणा ने सीने में दर्द और चक्कर आने जैसी शिकायत की है।
गुढ़ा ने यह भी दावा किया कि नरेश मीणा के ट्रायल पर स्टे हो चुका है, इसके बावजूद वह जेल में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेश मीणा के जेल से बाहर आने से कांग्रेस को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। हालांकि, गुढ़ा के इन राजनीतिक आरोपों और नरेश मीणा की कानूनी स्थिति को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित न्यायिक एवं प्रशासनिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी।
यह खबर भी पढ़ें:-मराठी भाषा नियम के विरोध में मुंबई के ऑटो चालक हड़ताल पर, कांदिवली रोड जाम
रिहाई की मांग ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
बारां में सर्वसमाज का प्रदर्शन और टोंक जेल में राजेंद्र गुढ़ा की नरेश मीणा से मुलाकात के बाद राजस्थान की राजनीति में इस मामले को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है। एक तरफ समर्थक नरेश मीणा के खिलाफ दर्ज मामले की निष्पक्ष जांच और वीडियो फुटेज की समीक्षा की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जेल में उनकी तबीयत खराब होने के दावे ने उनके परिजनों और समर्थकों की चिंता बढ़ा दी है।
अब बड़ा सवाल यही है कि क्या नरेश मीणा के मामले की दोबारा या निष्पक्ष समीक्षा होगी? क्या उन्हें जल्द राहत या जमानत मिल पाएगी? और सर्वसमाज के दबाव के बाद सरकार और प्रशासन का अगला कदम क्या होगा? फिलहाल नरेश मीणा की रिहाई को लेकर राजस्थान में सियासी सरगर्मी तेज है और आने वाले दिनों में इस मामले पर और घटनाक्रम सामने आने की संभावना है।



