जयपुर। जयपुर में सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद हड़कंप मच गया है। अदालत के सामने जयपुर विकास प्राधिकरण यानी जेडीए की ओर से पेश शपथ पत्र में सड़क के तीन अलग-अलग हिस्सों में 310 पक्के अतिक्रमण होने की जानकारी सामने आई। हाईकोर्ट ने इन अतिक्रमणों को हटाने की प्रक्रिया तय करते हुए प्रभावित लोगों को 15 दिन का नोटिस देने, उनकी बात सुनने और इसके बाद तीन महीने के भीतर कार्रवाई पूरी कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामला सीताराम देवांदा और अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका से जुड़ा है। न्यायाधीश इंद्रजीत सिंह और न्यायाधीश संदीप तनेजा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की।
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310 अतिक्रमणों पर कार्रवाई के निर्देश
सुनवाई के दौरान जेडीए के अधिवक्ता अमित कुमार की ओर से पेश शपथ पत्र में सड़क के तीन हिस्सों में कुल 310 पक्के अतिक्रमण होने की जानकारी दी गई। इसके बाद हाईकोर्ट ने संबंधित अतिक्रमणकारियों को पहले 15 दिन का नोटिस जारी कर उनका पक्ष सुनने और निर्धारित प्रक्रिया के बाद अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। अदालत ने तीन महीने के भीतर पूरी कार्रवाई कर अनुपालन रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर को निर्धारित की गई है।
तीन हिस्सों में होगा सड़क चौड़ीकरण
हाईकोर्ट के आदेश से जुड़े मामले में सड़क के तीन प्रमुख हिस्सों को चौड़ा करने की योजना सामने आई है।
- 22 गोदाम रेलवे स्टेशन से महेश नगर फाटक तक: सड़क को 40 फीट चौड़ा किया जाना है।
- महेश नगर फाटक से गोपालपुरा बायपास तक: सड़क की चौड़ाई 60 फीट करने का प्रस्ताव है।
- गोपालपुरा बायपास से बी-2 बायपास तक: सड़क को 80 फीट तक चौड़ा किया जाना है।
इस सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई अब निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ेगी।
रेलवे के कुछ हिस्सों पर भी कब्जे का दावा
सुनवाई के दौरान मध्यस्थ की ओर से पेश वकील ने कथित तौर पर यह भी बताया कि सड़क के कुछ हिस्सों पर आम लोगों के अलावा रेलवे से जुड़े अधिकारियों की ओर से भी कब्जे की स्थिति सामने आई है। इससे मामला और गंभीर हो गया है। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में कोई सिविल अदालत या ट्रिब्यूनल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर रोक या राहत नहीं दे सकता।
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एमडी रोड पर जलभराव ने बढ़ाई परेशानी
जयपुर में अतिक्रमण का मुद्दा सिर्फ सड़क चौड़ीकरण तक सीमित नहीं है। बारिश के बाद एमडी रोड पर जलभराव की समस्या ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सोमवार को हुई बारिश के बाद नायला हाउस से खरबूजा मंडी तक एमडी रोड पर पानी भर गया। जलभराव के कारण वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आनंदपुरी नव युवक विकास समिति के महामंत्री गिर्राज प्रसाद शर्मा ने जेडीए और नगर निगम के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। उनका कहना है कि आनंदपुरी के सामने बड़े नाले पर हुए कथित अतिक्रमणों को हटाया जाना चाहिए और मास्टर प्लान के अनुसार सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जानी चाहिए। अब देखना होगा कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद जेडीए की कार्रवाई किस तरह आगे बढ़ती है और 310 चिह्नित अतिक्रमणों को हटाने की प्रक्रिया में प्रभावित लोगों की आपत्तियों पर क्या निर्णय लिया जाता है।



