Wednesday, April 15, 2026
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महिला आरक्षण पर मायावती का बड़ा बयान, SC-ST और OBC के लिए अलग कोटा की मांग

लखनऊ। मायावती ने महिलाओं के लिए प्रस्तावित 33 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि इस आरक्षण में ST, SC और अन्य पिछड़े वर्गकी महिलाओं के लिए अलग से कोटा तय किया जाना जरूरी है, अन्यथा इसका वास्तविक लाभ वंचित वर्गों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाएगा।

उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण से जुड़े विषय पर विशेष सत्र बुलाने का स्वागत किया, लेकिन साथ ही यह चिंता भी जताई कि मौजूदा प्रस्ताव में सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों की महिलाओं के हितों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया है। उनके अनुसार, यदि अलग हिस्सेदारी नहीं दी गई, तो यह व्यवस्था अपने मूल उद्देश्य से भटक सकती है।

बसपा प्रमुख ने कहा कि देश में महिला सशक्तिकरण को लेकर लंबे समय से बातें की जाती रही हैं, लेकिन इसे जमीनी स्तर पर लागू करने में गंभीर कमी रही है। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा और भेदभाव की घटनाओं को इसी कमी का परिणाम बताया। उनका मानना है कि नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के बिना महिलाओं की स्थिति में अपेक्षित सुधार संभव नहीं है।

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उन्होंने अपनी पार्टी की पुरानी मांग को दोहराते हुए कहा कि महिलाओं को उनकी आबादी के अनुपात में 50 प्रतिशत तक आरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न राजनीतिक दल अपने हितों के कारण इस मांग को गंभीरता से नहीं लेते और इसे लागू करने में इच्छाशक्ति की कमी दिखाते हैं।

मायावती ने यह भी स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण को केवल राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक उन्नति से जोड़कर लागू करना जरूरी है। उनका कहना है कि यदि इस पहल को समावेशी दृष्टिकोण से नहीं अपनाया गया, तो इसका लाभ सीमित वर्गों तक ही सिमट सकता है।

इस दौरान उन्होंने Indian National Congress पर भी निशाना साधा और कहा कि पार्टी ने अपने शासनकाल में इस मुद्दे को नजरअंदाज किया। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी की मांगों को पहले भी अनदेखा किया गया था।

अपने बयान में उन्होंने बी. आर. अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने महिलाओं को बराबरी और अधिकार दिलाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए थे। अंत में, मायावती ने अपील की कि महिला आरक्षण को जल्द लागू किया जाए और इसे दलगत राजनीति से ऊपर रखकर सभी वर्गों की महिलाओं के हित में प्रभावी बनाया जाए।

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