मुंबई: देश के प्रमुख निजी बैंकों में शामिल कोटक महिंद्रा बैंक में शीर्ष नेतृत्व में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक वासवानी ने मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद दोबारा पद संभालने से इनकार कर दिया है। उनके इस फैसले के बाद बैंक के निदेशक मंडल ने नए एमडी और सीईओ की तलाश शुरू कर दी है।
बैंक की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, अशोक वासवानी का वर्तमान कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 को समाप्त होगा। उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए दोबारा नियुक्ति नहीं लेने का निर्णय लिया है। बोर्ड ने उनके फैसले का सम्मान करते हुए उत्तराधिकारी चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसे नियामकीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप समय पर पूरा किया जाएगा। अशोक वासवानी ने 1 जनवरी 2024 को बैंक की कमान संभाली थी। इससे पहले उन्होंने वैश्विक बैंकिंग क्षेत्र में लंबा अनुभव हासिल किया था और बार्कलेज तथा सिटीग्रुप जैसी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं में वरिष्ठ नेतृत्व की जिम्मेदारियां निभाई थीं।
उन्होंने कोटक महिंद्रा बैंक की कमान ऐसे समय संभाली थी, जब बैंक नियामकीय चुनौतियों और डिजिटल संचालन से जुड़े मुद्दों का सामना कर रहा था। उनके कार्यकाल में बैंक ने कारोबार विस्तार, प्रौद्योगिकी निवेश और लाभप्रदता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। हाल के वित्तीय नतीजों में बैंक ने मुनाफे में वृद्धि दर्ज की, जिससे यह संकेत मिला कि संस्था विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि अब नेतृत्व परिवर्तन की घोषणा के बाद निवेशकों और बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि बैंक अगला सीईओ किसे चुनता है और नई रणनीति क्या होगी।
फिलहाल बैंक ने किसी संभावित उम्मीदवार के नाम का खुलासा नहीं किया है। बोर्ड का कहना है कि नई नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया नियामकीय मंजूरी और निर्धारित समयसीमा के अनुरूप पूरी की जाएगी, ताकि नेतृत्व परिवर्तन के दौरान बैंक के संचालन और विकास की रफ्तार पर कोई असर न पड़े।



