Wednesday, September 9, 2026
HomeFact Checkराजनाथ सिंह की श्रीलंका यात्रा के बीच बड़ा ऐलान, भारत के खिलाफ...

राजनाथ सिंह की श्रीलंका यात्रा के बीच बड़ा ऐलान, भारत के खिलाफ अपनी जमीन इस्तेमाल नहीं होने देंगे

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की श्रीलंका यात्रा के दौरान भारत और श्रीलंका ने रक्षा एवं रणनीतिक सहयोग बढ़ाने पर अहम चर्चा की। राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने स्पष्ट किया कि श्रीलंका की जमीन का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया जाएगा। दोनों देशों ने रक्षा सहयोग के लिए तीन समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया, जिसमें छह L70 एयर डिफेंस गनों के आधुनिकीकरण समेत सैन्य प्रशिक्षण और रक्षा शिक्षा से जुड़े समझौते शामिल हैं।

नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग को लेकर बुधवार को अहम बातचीत हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की श्रीलंका यात्रा के दौरान राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने स्पष्ट संदेश दिया कि श्रीलंका की जमीन का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया जाएगा। दोनों देशों ने हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता के लिए सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।

राजनाथ सिंह श्रीलंका की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। यह करीब 38 वर्षों में किसी भारतीय रक्षा मंत्री की श्रीलंका की पहली आधिकारिक यात्रा है। कोलंबो में राष्ट्रपति दिसानायके के साथ उनकी मुलाकात में द्विपक्षीय रक्षा संबंधों के साथ समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

रक्षा सहयोग को लेकर तीन समझौते

बैठक के दौरान भारत और श्रीलंका के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए तीन समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया। इनमें श्रीलंकाई वायुसेना के पास मौजूद छह L70 एयर डिफेंस गनों के आधुनिकीकरण से जुड़ा समझौता प्रमुख है। ये हथियार पहले भारत की ओर से श्रीलंका को दिए गए थे।

इसके अलावा दोनों देशों के नेशनल कैडेट कोर के बीच सहयोग और नेशनल डिफेंस कॉलेजों के बीच अकादमिक सहयोग को लेकर भी समझौते हुए। इससे सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा अध्ययन और अधिकारियों के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

भारत की सुरक्षा को लेकर साफ संदेश

राष्ट्रपति दिसानायके ने भारत की सुरक्षा चिंताओं को लेकर श्रीलंका की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि दोनों देश करीबी पड़ोसी होने के साथ हिंद महासागर क्षेत्र के महत्वपूर्ण साझेदार हैं। श्रीलंका अपनी जमीन का इस्तेमाल ऐसी किसी गतिविधि के लिए नहीं होने देगा, जिससे भारत की सुरक्षा प्रभावित हो।

राजनाथ सिंह ने भी भारत और श्रीलंका के बीच ऐतिहासिक और करीबी संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत श्रीलंका को महत्वपूर्ण मित्र और पड़ोसी मानता है और जरूरत के समय उसके साथ खड़ा रहेगा।

यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच बुनियादी ढांचे और आपदा प्रबंधन से जुड़े सहयोग को भी आगे बढ़ाया गया। श्रीलंका में भारत की मदद से बनाए गए तीन बेली ब्रिज का वर्चुअल उद्घाटन किया गया। ऐसे में राजनाथ सिंह की यात्रा को दोनों देशों के रक्षा और रणनीतिक संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

× Popup Image