Wednesday, August 19, 2026
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महाराष्ट्र में मराठी नहीं जानने वाले ड्राइवरों पर कार्रवाई की तैयारी: 20 अगस्त से RTO जांच, 3 महीने का मिलेगा मौका

महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा से जुड़ा नया नियम लागू करने की तैयारी है। 20 अगस्त से RTO की टीमें राज्यभर में जांच अभियान चलाएंगी। मराठी का ‘वर्किंग नॉलेज’ नहीं होने पर ड्राइवरों को पहले नोटिस देकर तीन महीने में भाषा सीखने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद भी नियम का पालन नहीं करने पर लाइसेंस और बैज सस्पेंड किया जा सकता है। सरकार करीब 6 लाख ड्राइवरों को मराठी सीखने से जोड़ना चाहती है।

मुंबई। महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा से जुड़ा नया नियम लागू करने की तैयारी है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा है कि 20 अगस्त से ऐसे ड्राइवरों के खिलाफ अभियान शुरू किया जाएगा, जिन्हें मराठी का ‘वर्किंग नॉलेज’ नहीं है। यह अभियान पूरे महाराष्ट्र में एक महीने तक चलेगा।सरकार के मुताबिक, जांच के दौरान ऐसे ड्राइवरों को पहले नोटिस दिया जाएगा और उन्हें मराठी सीखने के लिए तीन महीने का समय मिलेगा। तय अवधि के बाद भी भाषा का जरूरी ज्ञान हासिल नहीं करने पर ड्राइवर का लाइसेंस और बैज सस्पेंड किए जाने की कार्रवाई हो सकती है।

RTO की फ्लाइंग स्क्वॉड करेगी जांच

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बुधवार को मंत्रालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर इस अभियान के एक्शन प्लान पर चर्चा की। अभियान की निगरानी अतिरिक्त परिवहन आयुक्त रवि गायकवाड़ करेंगे।राज्यभर में RTO की फ्लाइंग स्क्वॉड ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों की जांच करेगी। जांच के दौरान ड्राइवरों के मराठी भाषा के ज्ञान और नियमों के पालन को देखा जाएगा। सरकार ने जांच प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग करने की बात भी कही है।

नए नियम को लेकर ऑटो-टैक्सी यूनियन ने चिंता जताई है। सेवा सारथी ऑटो-रिक्शा टैक्सी एंड ट्रांसपोर्ट यूनियन के नेता डीएम गोसावी के मुताबिक, सरकार ने मराठी का ‘वर्किंग नॉलेज’ जरूरी किया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि ड्राइवर को कितनी मराठी आना जरूरी होगा।यूनियन का कहना है कि नियमों की स्पष्टता नहीं होने पर RTO जांच के दौरान भ्रष्टाचार और ड्राइवरों के आर्थिक शोषण की आशंका पैदा हो सकती है।

करीब 6 लाख ड्राइवरों को मराठी सिखाने की योजना

सरकार के अनुसार, महाराष्ट्र में करीब 9.16 लाख ऑटो-रिक्शा और 61,657 टैक्सियां हैं। इनमें बड़ी संख्या मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में संचालित होती हैं।सरकार करीब 6 लाख ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों को मराठी सीखने की पहल से जोड़ना चाहती है। परिवहन मंत्री के मुताबिक, कुछ महीने पहले शुरू किए गए अभियान में अब तक 1,65,601 ड्राइवर इससे जुड़ चुके हैं।

महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में ऑटो और टैक्सी ड्राइवर उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों से आते हैं। इनमें कई ड्राइवरों को मराठी भाषा का सीमित ज्ञान है। ऐसे ड्राइवरों में लाइसेंस और परमिट पर कार्रवाई को लेकर चिंता बढ़ी है।गोंदिया में हिंदी बोलने वाले कुछ ऑटो ड्राइवरों ने भी सरकार से कार्रवाई नहीं करने की अपील की है।

केंद्रीय मंत्री और RPI(A) प्रमुख रामदास आठवले ने भी ड्राइवरों को समर्थन देते हुए कहा कि मराठी नहीं जानने वाले ड्राइवरों पर तुरंत कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक, कई ड्राइवर मराठी सीख रहे हैं, इसलिए उन्हें भाषा सीखने के लिए और समय दिया जाना चाहिए।आठवले ने कहा कि परमिट या लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई से विवाद बढ़ सकता है और दूसरे राज्यों से आए ड्राइवरों की रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है।फिलहाल सरकार की योजना के मुताबिक 20 अगस्त से RTO अभियान शुरू होगा और नियमों का पालन नहीं करने वाले ड्राइवरों को पहले नोटिस देकर सुधार का मौका दिया जाएगा।

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