जयपुर। जयपुर के कोचिंग हब को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए फिर से पूरी तरह समर्पित करने की मांग तेज हो गई है। ऑल कोचिंग इंस्टीट्यूट महासंघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री जवाहर सिंह खर्रा का आभार जताते हुए पुलिस प्रशासन और राजस्थान आवासन मंडल से कोचिंग हब परिसर में संचालित पुलिस कार्यालयों को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है।
महासंघ का कहना है कि कोचिंग हब में पुलिस प्रशासन और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की मौजूदगी एक साथ रहने से व्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है। संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को शांत और अध्ययन के अनुकूल वातावरण की आवश्यकता होती है। परिसर में पुलिस की लगातार मौजूदगी से विद्यार्थियों की एकाग्रता प्रभावित होने की आशंका है। महासंघ ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के लिए अलग स्थान निर्धारित करना अधिक उचित होगा।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि ऑल कोचिंग इंस्टीट्यूट महासंघ कोचिंग हब को शुरू किए जाने से पहले से ही इसके विकास और संचालन को लेकर प्रयास करता रहा है। महासंघ का दावा है कि उसका उद्देश्य कोचिंग संचालकों, छात्रावास संचालकों और पुस्तकालय संचालकों को भारी किराए के बोझ से राहत दिलाना है। इसके लिए कोचिंग हब के आसपास करीब तीन किलोमीटर क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाओं का समग्र तंत्र विकसित करने की मांग भी की जाती रही है।
महासंघ के अनुसार, जयपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ हुई बैठक सकारात्मक रही। संगठन का कहना है कि कोचिंग संस्थानों को सील करने से जुड़े मामलों में अधिकारी उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के कारण सीमित स्थिति में हैं। महासंघ ने आरोप लगाया कि गोपालपुरा क्षेत्र के कुछ भवन मालिक कुछ कोचिंग संस्थानों के साथ मिलकर कोचिंग हब की व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं।
महासंघ ने कहा कि कोचिंग हब की अवधारणा स्वयं कोचिंग संचालकों की मांग पर सामने आई थी, इसलिए अब इसके विरोध का कोई औचित्य नहीं है। संगठन के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प से जोड़ते हुए कोचिंग हब को विकसित जयपुर की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
21 सदस्यीय संघर्ष समिति गठित
महासंघ के अनीष कुमार नाडार ने बताया कि कोचिंग हब को सफल बनाने के लिए 21 सदस्यीय ‘कोचिंग हब सफल करो संघर्ष समिति’ का गठन किया गया है। समिति कोचिंग हब की लागत कम करने और शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों को जारी नोटिस के मामलों में राहत दिलाने के लिए भी प्रयास करेगी। महासंघ ने दोहराया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और कोचिंग व्यवस्था को सुरक्षित, व्यवस्थित तथा छात्रों के अनुकूल बनाने के लिए संगठन आगे भी प्रयास जारी रखेगा।



