मुंबई। निजी क्षेत्र के कोटक महिंद्रा बैंक ने भारत के बैंकिंग क्षेत्र में एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाते हुए डॉयचे बैंक के भारत स्थित रिटेल बैंकिंग, प्राइवेट बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार के अधिग्रहण का फैसला किया है। इस सौदे की अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ अमेरिकी डॉलर लगभग 282 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह अधिग्रहण नियामकीय मंजूरियों और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद प्रभावी होगा।
इस समझौते के तहत कोटक महिंद्रा बैंक को डॉयचे बैंक के रिटेल ग्राहकों, प्राइवेट बैंकिंग सेवाओं और वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार का पोर्टफोलियो मिलेगा। इसके अलावा संबंधित कर्मचारियों और परिचालन गतिविधियों का भी बैंक में समावेश किया जाएगा, जिससे ग्राहकों को सेवाओं का निर्बाध लाभ मिलता रहे। कोटक महिंद्रा बैंक का मानना है कि यह अधिग्रहण उसकी रिटेल बैंकिंग और उच्च आय वर्ग के ग्राहकों के बीच मौजूदगी को और मजबूत करेगा।
बैंक को उम्मीद है कि इससे उसके ग्राहक आधार का विस्तार होगा और वेल्थ मैनेजमेंट तथा प्रीमियम बैंकिंग सेवाओं में उसकी प्रतिस्पर्धी स्थिति और बेहतर होगी। दूसरी ओर, डॉयचे बैंक ने वैश्विक कारोबारी रणनीति के तहत भारत में अपने रिटेल बैंकिंग कारोबार से बाहर निकलने का फैसला किया है। बैंक अब अपने संसाधनों और पूंजी को उन क्षेत्रों पर केंद्रित करेगा, जहां उसे अधिक विकास और लाभ की संभावनाएं दिखाई देती हैं। हालांकि, भारत में उसका कॉर्पोरेट और निवेश बैंकिंग कारोबार पहले की तरह जारी रहेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह सौदा भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में बढ़ते एकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हाल के वर्षों में कई विदेशी बैंक अपने उपभोक्ता बैंकिंग कारोबार से बाहर निकल रहे हैं, जबकि घरेलू बैंक अपने नेटवर्क और ग्राहक आधार को मजबूत करने के लिए ऐसे अवसरों का लाभ उठा रहे हैं। कोटक महिंद्रा बैंक के लिए यह अधिग्रहण केवल कारोबार बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे बैंक को उच्च संपत्ति वाले ग्राहकों तक बेहतर पहुंच मिलेगी। साथ ही, बैंक अपने उत्पादों और डिजिटल सेवाओं का दायरा भी नए ग्राहकों तक आसानी से पहुंचा सकेगा।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस सौदे से भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और तेज होगी। यदि नियामकीय मंजूरी समय पर मिल जाती है, तो आने वाले महीनों में इस अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। इसके बाद कोटक महिंद्रा बैंक की रिटेल और वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार में स्थिति और अधिक मजबूत हो सकती है।



