Kota New Medical College Hospital News: कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 6 महिला की तबीयत बिगड़ गई. इनमें से एक महिला की मौत हो गई, जबकि बाकी 5 महिलाओं की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अस्पताल का दौरा कर महिलाओं की हालत और इलाज के बारे में जानकारी ली.
ओम बिरला ने कही ये बात
बिरला ने बुधवार को कहा कि सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत और 5 अन्य महिलाओं में गंभीर संक्रमण होने की घटना दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय चिकित्सा दल गठित किया गया है. विशेषज्ञ चिकित्सकों का एक अन्य दल भी कोटा पहुंचने वाला है और वह यहां के चिकित्सकों के साथ समन्वय कर महिलाओं को बेहतर उपचार उपलब्ध कराएगा. जिला प्रशासन ने भी घटना की जांच के लिए विभिन्न समितियां गठित की हैं.
सिजेरियन डिलीवरी के बाद बिगड़ी तबीयत
बता दें कि न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सोमवार देर रात से मंगलवार सुबह के बीच 12-13 गर्भवती महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी हुई. इनमें से 6 महिलाओं की हालत ऑपरेशन के 8 से 10 घंटे बाद बिगड़ने लगी. महिलाओं को नेफ्रोलॉजी वार्ड में शिफ्ट किया गया, जबकि उनके नवजात शिशुओं को अस्पताल की नवजात गहन चिकित्सा इकाई में ले जाया गया. इन महिलाओं में से एक की मंगलवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक महिला की पहचान चित्तौड़ जिले के भैंसरोडगढ़ की निवासी पायल (26) के रूप में हुई है.
मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्रधानाचार्य और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. नीलेश जैन ने पत्रकारों को बताया कि सोमवार शाम कम से कम 12-13 गर्भवती महिलाओं का सिजेरियन से प्रसव हुआ था जिनमें से 6 की हालत ऑपरेशन के कुछ घंटों बाद बिगड़ने लगी. उनका ब्लड प्रेशर एवं प्लेटलेट कम हो गए और मूत्र अवरोध की समस्या हुई जो किडनी में संक्रमण का संकेत देता है.उन्होंने बताया कि इनमें से एक महिला की मंगलवार को उपचार के दौरान मौत हो गई. मौत के कारण का पता लगाने के लिए मृत्यु ऑडिट समिति गठित की गई है.
जांच के लिए 5 सदस्यीय चिकित्सा दल गठित
डॉ. नीलेश जैन ने आगे बताया कि स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जटिलताओं से जूझ रही 5 महिलाओं को नेफ्रोलॉजी वार्ड में शिफ्ट किया गया है और उन्हें विशेष चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराने के लिए डॉ. विकास खंडेलिया के नेतृत्व में 5 सदस्यीय चिकित्सा दल गठित किया गया है. डॉ. सुरेश दुलारा के नेतृत्व में एक अन्य चिकित्सा दल महिलाओं की तबीयत बिगड़ने के कारणों की जांच करेगा. सभी पांच महिलाओं की हालत स्थिर है, लेकिन 72 से 96 घंटे तक उन्हें खतरे से बाहर घोषित नहीं किया जा सकता.’ अस्पताल के अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. आर. पी. मीणा ने महिलाओं की सेहत को लेकर लेकर जानकारी देते हुए ‘कहा कि पांचों महिलाएं होश में हैं और बातचीत कर रही हैं लेकिन कई अंगों के काम करना बंद करने की आशंका से अभी इनकार नहीं किया जा सकता.
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