Karnataka CM Siddaramaiah Resign: कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. हालांकि राज्यपाल थावरचंद गहलोत की गैर मौजूदगी के चलते उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल के सचिव को सौंपा. इस दौरान उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि हाईकमान जब कहेगा, मैं इस्तीफा दे दूंगा. कल हाईकमान ने कहा और मैंने आज अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया.
कांग्रेस आलाकमान का जताया आभार
सिद्धारमैया ने आगे कहा कि ‘मुझे पूरा भरोसा है कि जब राज्यपाल आएंगे, तो वे इसे स्वीकार कर लेंगे, उन्होंने कहा, ‘हमारे पास पूर्ण बहुमत है और संविधान के अनुसार नई सरकार के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.’इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री बनने का अवसर देने के लिए वह सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आभारी हैं.
बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, "हाई कमान के पहले ही इस्तीफ़ा देने के लिए कहने के बाद, मैंने आज अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है। मुझे पूरा भरोसा है कि जब राज्यपाल आएंगे, तो वे इसे स्वीकार कर लेंगे, क्योंकि यह संविधान के अनुसार ही किया जाना है… हमारे पास पूर्ण… pic.twitter.com/PCFxvffPX5
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 28, 2026
‘मैं तो इत्तेफाक से राजनीति में आ गया’
सिद्धारमैया ने अपने राजनीतिक सफर को भी याद किया. उन्होंने कहा, ‘मैं गांव से आता हूं. मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन विधायक, मंत्री या मुख्यमंत्री बनूंगा. मैं तो इत्तेफाक से राजनीति में आ गया. मेरे परिवार में कोई भी राजनीति में नहीं था.’
बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, "उन सभी लोगों का धन्यवाद जिन्होंने मुझे प्यार दिया, जब मैं 2013 से 2018 तक दो बार मुख्यमंत्री रहा। 2013 से लेकर आज तक, इस दौरान मेरे साथ काम करने वाले मेरे सहयोगियों ने मेरे प्रति हर तरह का समर्थन, सहयोग और प्यार दिखाया है। मैं… pic.twitter.com/sXjqWCxfae
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उन्होंने कहा कि 2013 से 2018 और फिर वर्तमान कार्यकाल के दौरान उन्हें जनता का भरपूर प्यार और सहयोग मिला. साथ ही उन्होंने अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों और पार्टी नेताओं का भी धन्यवाद किया.
क्यों इस्तीफा देने को तैयार हुए सिद्धारमैया ?
दरअसल, कर्नाटक कांग्रेस में पिछले लंबे समय से सत्ता संतुलन को लेकर चर्चा चल रही थी. 2023 विधानसभा चुनाव के बाद से ही यह माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री पद को लेकर ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला तय हुआ था. डी. के. शिवकुमार समर्थक लगातार नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहे थे.
मंगलवार को सिद्धारमैया और डी. के. शिवकुमार को दिल्ली बुलाया गया था, जहां राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, के. सी. वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला के साथ कई दौर की बैठकें हुईं. सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी की ओर से सीधे संदेश मिलने के बाद सिद्धारमैया नेतृत्व परिवर्तन के लिए तैयार हुए.
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