नई दिल्ली (प्रज्ञा पांडे)। कर्नाटक में पेपर लीक का मुद्दा अब सियासी लड़ाई का नया मैदान बन गया है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के एक बयान के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। शिवकुमार ने साफ संकेत दिए हैं कि अगर भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी गड़बड़ी होती है तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को भी जवाब देना होगा। उनके इस रुख के बाद विपक्षी दल BJP ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोला है। BJP नेताओं का कहना है कि सरकार को सिर्फ बयान देने के बजाय दोषियों पर ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। BJP ने सवाल उठाया कि क्या अब उन अधिकारियों पर गाज गिरने वाली है, जिनकी निगरानी में परीक्षा व्यवस्था चल रही थी।
डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार का फोकस भर्ती परीक्षाओं को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने पर है। इससे पहले भी कर्नाटक में पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की बात सामने आई थी। BJP का आरोप है कि कांग्रेस सरकार को पेपर लीक जैसी घटनाओं की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए और सिर्फ अधिकारियों को चेतावनी देने से काम नहीं चलेगा। विपक्ष ने सरकार से पूछा है कि अगर सिस्टम में खामी थी तो अब तक जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई हुई।
इसी बीच BJP ने दिल्ली में धर्मेंद्र प्रधान मंत्री के इस्तीफे का मुद्दा भी उठाते हुए कर्नाटक सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का कहना है कि भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। हालांकि दोनों राज्यों के मुद्दे अलग-अलग हैं और कर्नाटक में फिलहाल बहस पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्रित है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि डीके शिवकुमार के सख्त बयान के बाद क्या सरकार सिर्फ नई व्यवस्था लागू करेगी या फिर पेपर लीक मामलों में कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई भी होगी।



