Jammu Kashmir Flood: जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों पुंछ और राजौरी में रविवार को हुई मूसलाधार बारिश, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7 अन्य लापता हैं. प्रभावित इलाकों में सेना, पुलिस, SDRF और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं.

सुरनकोट में सबसे ज्यादा तबाही
अधिकारियों ने बताया कि सबसे अधिक नुकसान पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील में हुआ. लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे राहत कार्य प्रभावित हुआ है. लोअर मुराह गांव में रविवार तड़के भूस्खलन की चपेट में एक मकान आ गया, जिसमें रह रहे 8 लोग मलबे में दब गए. अब तक 2 वर्षीय सोफियान यासिर सहित 5 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अन्य की तलाश जारी है.
#WATCH जम्मू (जम्मू-कश्मीर): तवी नदी के बीच में फंसे तीन स्थानीय युवकों को जम्मू पुलिस और एनडीआरएफ ने सुरक्षित निकाला। pic.twitter.com/DJFLyBKs22
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 19, 2026
वहीं संगला गांव में अचानक आई बाढ़ में एक ही परिवार के 4 सदस्य बह गए. लापता लोगों में अब्दुल हमीद, उनकी पत्नी शरीफा बेगम, बेटी अरीबा और बहन मनीरा बेगम शामिल हैं. बचाव दल उनकी तलाश में जुटा हुआ है.
कई जगह मकान ढहे, लोगों की मौत
नूनाबंदी गांव में मकान गिरने से 28 वर्षीय नाजिया कौसर की मौत हो गई, जबकि उनके पति और तीन छोटे बच्चों को मलबे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहीं, संगलानी क्षेत्र में मकान ढहने से 22 वर्षीय शाहजैब अहमद की जान चली गई. मरहोट इलाके में एक नाबालिग लड़की इरम नाले में डूब गई, जबकि धुंधक लाथूंग पुल के पास एक अज्ञात महिला का शव भी बरामद किया गया. इसके अलावा, पुंछ की हवेली तहसील में करीब 6 मकान ढहने से एक व्यक्ति की मौत और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया.
राजौरी में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त
राजौरी में रातभर हुई मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ से निचले इलाकों में पानी भर गया. एक नदी से महिला का शव बरामद किया गया, जबकि सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. नदियों और नालों के उफान पर आने तथा तटबंध टूटने से कई वाहन बह गए और सरकारी तथा निजी संपत्ति को व्यापक नुकसान पहुंचा है.
#WATCH | जम्मू-कश्मीर | राजौरी ज़िले में लगातार हो रही भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई निचले इलाकों में पानी भरने से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 19, 2026
ज़िला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा न करें और नदियों, नालों और बाढ़ की आशंका वाले इलाकों से दूर… pic.twitter.com/qn80VsHERn
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बीच में छोड़ा दिल्ली दौरा
पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर दिल्ली गए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हालात बिगड़ने के बाद अपना दौरा बीच में ही समाप्त कर जम्मू लौटने का फैसला किया. उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि मौसम विभाग की चेतावनी और जम्मू संभाग के कुछ हिस्सों में गंभीर स्थिति को देखते हुए वह स्वयं मौके पर पहुंचकर हालात की निगरानी करेंगे. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि 20 जुलाई को दिल्ली में पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस का प्रस्तावित प्रदर्शन पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व में तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होगा.
उपराज्यपाल ने दिए राहत के निर्देश
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं.
23 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 23 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है.
#WATCH डोडा (जम्मू-कश्मीर): भलेसा में भारी बारिश और तेज़ हवाओं के चलते सुरक्षा सलाह जारी की गई है। pic.twitter.com/6HgnGjOkvp
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इस बीच, घाटी के अधिकांश हिस्सों में हुई बारिश से पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से राहत मिली है. श्रीनगर में शनिवार को अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो इस वर्ष का सबसे अधिक तापमान था. इसी कारण कश्मीर घाटी में स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां 22 जुलाई तक बढ़ा दी गई हैं.
#WATCH कुपवाड़ा(जम्मू-कश्मीर): कश्मीर घाटी में ताज़ा बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली। pic.twitter.com/w2n8qISdWM
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 19, 2026
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