Iran US War: अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हमले जारी रहे तो उसे ऐसा सबक सिखाया जाएगा, जिसे वह कभी भूल नहीं पाएगा.’ सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक बयान में खामेनेई का यह संदेश पढ़कर सुनाया गया. युद्ध शुरू होने के बाद से वह सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, इसलिए इस बयान को विशेष महत्व दिया जा रहा है.
‘अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर भरोसे के लायक नहीं‘
अपने संदेश में ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने 14 सूत्रीय समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर को पूरी तरह बेकार बताया. उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका के राष्ट्रपतियों के बीच हुए समझौते को अमेरिका द्वारा बार-बार तोड़े जाने से यह स्पष्ट हो गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर भरोसे के लायक नहीं हैं. खामेनेई ने आरोप लगाया कि जबरदस्ती, तानाशाही और क्रूरता अमेरिका की नीतियों का अभिन्न हिस्सा हैं.
‘अमेरिका को चुकानी होगी भारी कीमत’
खामेनेई ने आगे कहा कि अमेरिका ने अपने कदमों से अपना वास्तविक चेहरा उजागर कर दिया है और यह एक बार फिर अपराध तथा वादाखिलाफी का उदाहरण पेश करता है. उन्होंने वॉशिंगटन के साथ जारी तनाव का उल्लेख करते हुए चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने इसे और बढ़ाया तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.
‘ईरान अंतरिम समझौते का पालन अब नहीं करेगा’
इससे पहले शनिवार को ईरान के एक वार्ताकार ने कहा था कि तेहरान करीब 1 महीने पहले अमेरिका के साथ हुए अंतरिम समझौते का पालन अब नहीं करेगा और उससे जुड़ी अपनी प्रतिबद्धताओं को निलंबित कर रहा है. ईरानी पक्ष के अनुसार, यह फैसला मौजूदा परिस्थितियों और जारी सैन्य तनाव के मद्देनज़र लिया गया है.
युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से हुआ था समझौता
करीब एक महीने पहले हुए इस अंतरिम समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष को स्थायी रूप से समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ना था. हालांकि, हालिया घटनाक्रम के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है.
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