जयपुर। राजस्थान में निकाय चुनाव 2026 को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। नामांकन प्रक्रिया के अंतिम चरण के साथ ही जयपुर में प्रमुख राजनीतिक दलों ने प्रचार अभियान और आरोप-प्रत्यारोप तेज कर दिए हैं। कांग्रेस ने अब भाजपा सरकार को घेरने के लिए ‘पोल-खोल अभियान’ शुरू करने का ऐलान किया है। पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने भाजपा सरकार पर जयपुर के विकास को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जयपुर से विधायक हैं, इसके बावजूद राजधानी में विकास की स्थिति संतोषजनक नहीं है।
सांगानेर से शुरू होगा कांग्रेस का पोल-खोल अभियान
प्रताप सिंह खाचरियावास ने ऐलान किया कि जयपुर शहर कांग्रेस मंगलवार 1 सितंबर से भाजपा सरकार के खिलाफ ‘पोल-खोल अभियान’ शुरू करेगी। अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र सांगानेर से होगी। इसके बाद जयपुर की सभी 8 विधानसभा क्षेत्रों में अलग-अलग दिन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कांग्रेस इस अभियान के जरिए शहर की सड़क, बिजली, पानी और सफाई जैसी बुनियादी समस्याओं को निकाय चुनाव का प्रमुख मुद्दा बनाने की तैयारी में है। खाचरियावास ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई कई योजनाओं को मौजूदा भाजपा सरकार ने बंद कर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र सांगानेर की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए वहां विकास कार्यों की स्थिति को लेकर सरकार को घेरा।
जयपुर की बदहाल व्यवस्था को बनाएगी चुनावी मुद्दा
कांग्रेस ने जयपुर निकाय चुनाव में स्थानीय मुद्दों को केंद्र में रखने की रणनीति बनाई है। पार्टी का आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों में जयपुर की मूलभूत सुविधाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक शहर में लोगों को सड़क, बिजली, पानी और सफाई जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी का दावा है कि इन समस्याओं को लेकर शहरवासियों में नाराजगी है और जनता अब बेहतर सुविधाएं चाहती है। कांग्रेस का कहना है कि नगर निकाय चुनाव में पार्टी ने ऐसे प्रत्याशियों का चयन किया है, जो जीतने के बाद स्थानीय स्तर पर जनता की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाएंगे।
कांग्रेस ने टिकट वितरण में युवा चेहरों पर जताया भरोसा
जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा ने टिकट वितरण को लेकर भी पार्टी की रणनीति सामने रखी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के करीब 80 फीसदी उम्मीदवार 50 साल से कम उम्र के हैं और प्रत्याशियों की औसत उम्र करीब 37 वर्ष है। कांग्रेस ने टिकट वितरण में उम्र के साथ सामाजिक प्रतिनिधित्व को भी ध्यान में रखने का दावा किया है। पार्टी का कहना है कि युवा और बेहतर प्रत्याशियों के जरिए नगर सरकार में नई सोच और विकास का एजेंडा आगे बढ़ाया जाएगा।
निकाय चुनाव में विकास बनाम सरकार का मुद्दा
जयपुर में कांग्रेस का ‘पोल-खोल अभियान’ ऐसे समय शुरू होने जा रहा है, जब निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म हो रहा है। कांग्रेस जहां शहर की मूलभूत सुविधाओं और विकास कार्यों को मुद्दा बना रही है, वहीं भाजपा के खिलाफ सरकार की नीतियों को लेकर भी सवाल खड़े कर रही है। अब कांग्रेस का यह अभियान जयपुर के आठों विधानसभा क्षेत्रों में कितना असर डालता है और निकाय चुनाव में स्थानीय विकास के मुद्दे मतदाताओं को कितना प्रभावित करते हैं, यह चुनाव परिणाम के साथ साफ होगा।



