जयपुर। राजधानी जयपुर नगर निगम में मेयर (महापौर) की कुर्सी को लेकर जारी सियासी गहमागहमी के बीच आज तस्वीर पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि पार्टी आज जयपुर मेयर प्रत्याशी के नाम पर अंतिम मुहर लगा देगी। इसके लिए पार्षदों के साथ रायशुमारी और मंथन का दौर लगातार जारी है। राठौड़ ने स्पष्ट किया कि बीजेपी में कोई तानाशाही नहीं चलती और पार्षदों की सर्वसम्मति के आधार पर ही उम्मीदवार तय किया जाएगा।
शनिवार को होगा नामांकन, रेस में ये बड़े नाम
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार, शनिवार को पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी का नामांकन दाखिल कराया जाएगा। मेयर पद की दौड़ में आधा दर्जन से अधिक नेताओं के नाम प्रमुखता से तैर रहे हैं।
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महापौर पद के प्रमुख दावेदार:
- सुनील कोठारी
- पुनीत कर्णावट
- शैलेन्द्र भार्गव
- सुभाष सिंगी
- विमल अग्रवाल
- भवानी
- अनुराधा माहेश्वरी
- विजय अग्रवाल
बीजेपी का दावा: आधे निर्दलीय संपर्क में, क्रॉस वोटिंग का डर नहीं
150 वार्डों वाली जयपुर नगर निगम में बहुमत के लिए 76 पार्षदों की आवश्यकता है। वर्तमान दलीय स्थिति इस प्रकार है:
- भारतीय जनता पार्टी (BJP): 78 सीटें (बहुमत से 2 अधिक)
- कांग्रेस (INC): 57 सीटें
- निर्दलीय: 15 सीटें
- कांग्रेस + निर्दलीय संयुक्त बल: 72 सीटें
भले ही बीजेपी बहुमत के आंकड़े से महज दो सीट ऊपर है, लेकिन पार्टी नेतृत्व का दावा है कि करीब 50 प्रतिशत निर्दलीय पार्षद उनके संपर्क में हैं। ऐसे में क्रॉस वोटिंग का कोई खतरा नहीं है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि नगर निगम चुनावों में दल-बदल कानून लागू न होने के कारण निर्दलीय और विपक्षी पार्षदों को साधना आसान रहता है।
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जातीय समीकरण: 30 साल बाद ब्राह्मण समाज ने ठोका दावा
मेयर चुनाव को लेकर जयपुर के सामाजिक और जातीय समीकरण भी गरमा गए हैं। वैश्य, अग्रवाल और ब्राह्मण समाज ने मुख्यमंत्री और बीजेपी प्रदेश नेतृत्व से अपने समाज को प्रतिनिधित्व देने की वकालत की है।
अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा के प्रदेशाध्यक्ष एलटी शर्मा ने मांग उठाते हुए कहा कि राजस्थान में ब्राह्मण समाज की आबादी लगभग 22 से 23 प्रतिशत है और जयपुर में समाज ने बीजेपी के पक्ष में एकतरफा मतदान किया है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले 30 वर्षों से जयपुर में कोई भी ब्राह्मण समाज का महापौर नहीं बना है। इसलिए बीजेपी और संघ से आग्रह है कि किसी अनुभवी ब्राह्मण पार्षद को ही इस बार मेयर की जिम्मेदारी सौंपी जाए।



