जयपुर। राजस्थान के अल्ट्रा रनर सूरज मीणा ने लद्दाख में आयोजित Silk Route Ultra Marathon में शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 122 किलोमीटर की बेहद चुनौतीपूर्ण हाई-एल्टीट्यूड रेस को सूरज मीणा ने 12 घंटे 35 मिनट में पूरा कर दूसरा स्थान हासिल किया। इसके साथ ही वह इस दूरी को पूरा करने वाले सबसे तेज गैर-लद्दाखी धावक बन गए हैं।
15 घंटे 6 मिनट का रिकॉर्ड तोड़ा
Silk Route Ultra Marathon का आयोजन 13वीं Ladakh Marathon के तहत किया गया था। इस रेस में लद्दाख के नवांग सेरिंग ने 12 घंटे 12 मिनट 18 सेकंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया। राजस्थान के सूरज मीणा 12 घंटे 35 मिनट के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
सूरज मीणा ने गैर-लद्दाखी धावकों के पिछले 15 घंटे 6 मिनट के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया बेंचमार्क स्थापित किया। इस रेस का मार्ग नुब्रा वैली के क्यागर गांव से शुरू होकर खारदुंग ला की ऊंचाई से गुजरते हुए लेह तक पहुंचता है।
ऊंचाई और कम ऑक्सीजन के बीच पूरी की रेस
लद्दाख की ऊंचाई पर दौड़ना बाहरी क्षेत्रों से आने वाले धावकों के लिए काफी मुश्किल माना जाता है। रेस के दौरान ऊंचाई बढ़ने के साथ ऑक्सीजन की कमी ने सूरज मीणा की चुनौती बढ़ाई। उन्होंने बताया कि वह शुरुआती 40 किलोमीटर तक बढ़त बनाए हुए थे, लेकिन इसके बाद ऊंचाई बढ़ने के कारण दौड़ना कठिन हो गया।
ऐसी परिस्थितियों में उन्होंने रन-वॉक रणनीति अपनाई और अपनी गति को नियंत्रित रखते हुए रेस पूरी की। सूरज मीणा ने इस प्रतियोगिता के लिए करीब एक महीने तक लद्दाख में प्रशिक्षण लिया था, ताकि उनका शरीर ऊंचाई वाले वातावरण के अनुकूल हो सके।
जयपुर से लद्दाख तक साइकिल यात्रा भी कर चुके हैं
सूरज मीणा की लंबी दूरी की चुनौतियों से जुड़ी उपलब्धियां इससे पहले भी सामने आ चुकी हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने जयपुर से मनाली होते हुए लद्दाख तक करीब 2,400 किलोमीटर की साइकिल यात्रा की थी। इसके बाद उन्होंने लद्दाख से कश्मीर के रास्ते जयपुर तक लगभग 1,500 किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय की।
यह लद्दाख मैराथन में उनकी तीसरी भागीदारी थी। इससे पहले वह फुल मैराथन और खारदुंग ला चैलेंज में भी हिस्सा ले चुके हैं।
कठिन रेस में धैर्य और तैयारी का प्रदर्शन
Silk Route Ultra Marathon में धावकों को लंबी दूरी के साथ-साथ पहाड़ी रास्तों, कम ऑक्सीजन और ऊंचाई में बदलाव जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे माहौल में सूरज मीणा का 12 घंटे 35 मिनट का प्रदर्शन उनकी तैयारी और सहनशक्ति को दर्शाता है।
दूसरे स्थान पर रहने के बावजूद सबसे तेज गैर-लद्दाखी धावक का रिकॉर्ड हासिल करना सूरज मीणा की इस प्रतियोगिता की प्रमुख उपलब्धि रही। उनका प्रदर्शन राजस्थान के अल्ट्रा रनिंग खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।



