जयपुर। राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के आगामी आम चुनावों को लेकर इंतजार कर रहे लाखों ग्रामीण मतदाताओं और संभावित प्रत्याशियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार के पंचायती राज विभाग ने आरक्षण लॉटरी की नई तारीखों की घोषणा कर दी है। विभाग के आयुक्त एवं शासन सचिव डॉ. जोगाराम द्वारा देर रात जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब जिला और उपखंड स्तर पर 23 और 24 सितंबर को पारदर्शी तरीके से आरक्षण लॉटरी निकाली जाएगी।
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23 और 24 सितंबर को निकलेगी आरक्षण लॉटरी
पंचायती राज विभाग द्वारा जारी नए शेड्यूल के अनुसार, आरक्षण निर्धारण का काम दो चरणों में पूरा किया जाएगा:
- 23 सितंबर 2026 (जिला स्तर): जिला मुख्यालयों पर जिला कलेक्टर के निर्देशन में जिला परिषद सदस्य, प्रधान एवं पंचायत समिति सदस्यों के पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी।
- 24 सितंबर 2026 (उपखंड स्तर): प्रदेश के सभी उपखंड (SDM) स्तर पर संबंधित क्षेत्र के ग्राम पंचायत सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण तय किया जाएगा।
गौरतलब है कि पूर्व में यह प्रक्रिया 17 और 18 सितंबर को प्रस्तावित थी, जिसे प्रदेश में चल रहे शहरी निकाय चुनावों की प्रशासनिक व्यस्तता के चलते स्थगित करना पड़ा था। इससे पहले 16 अगस्त को भी लॉटरी प्रक्रिया टाली गई थी। अब 23-24 सितंबर को स्थिति साफ होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी माहौल और तेज हो जाएगा।
ओबीसी आरक्षण पर हाईकोर्ट में सरकार का स्पष्ट रुख
दूसरी ओर, निकाय और पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण को लेकर चल रही कानूनी बहस के बीच राजस्थान सरकार ने राजस्थान उच्च न्यायालय में अपना रुख साफ कर दिया है। सरकार ने हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करते हुए निकाय व पंचायत चुनावों में दिए गए ओबीसी आरक्षण को पूरी तरह से वैध और संवैधानिक ठहराया है।
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सरकार ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि:
- ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर निर्णय: चुनाव में ओबीसी वर्ग को आरक्षण राज्य ओबीसी आयोग की सिफारिशों और आंकड़ों के आधार पर ही लॉटरी प्रक्रिया के जरिए दिया गया है।
- 50% की संवैधानिक सीमा का पालन: सरकार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई 50 प्रतिशत की अधिकतम सीमा के भीतर ही अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और ओबीसी (OBC) को आरक्षण का लाभ दिया गया है।
आपको बता दें कि जिला प्रमुख पदों की लॉटरी में कुल 41 जिलों में से केवल 5 पद ओबीसी के लिए आरक्षित होने पर याचिकाकर्ता आर.आर. गोदारा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि सरकार ने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया और आबादी के अनुपात में सीटें आरक्षित नहीं कीं। अब याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से सरकार के इस जवाब पर अगली सुनवाई में प्रतिउत्तर पेश किया जाएगा।



