नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के मौके पर देश के अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय सहित कई नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए प्रधानमंत्री को बधाई संदेश भेजे।
17 सितंबर 1950 को जन्मे प्रधानमंत्री मोदी इस वर्ष अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस अवसर पर सत्ता पक्ष के नेताओं ने उनके सार्वजनिक जीवन और विकास कार्यों का उल्लेख किया, जबकि विपक्षी नेताओं ने अपने-अपने अंदाज में शुभकामनाएं दीं।
राहुल गांधी और राजनाथ सिंह ने दी बधाई
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी प्रधानमंत्री को बधाई संदेश भेजा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने Infrastructure, Digital Connectivity, Welfare, Innovation और Entrepreneurship जैसे क्षेत्रों में हो रहे प्रयासों का भी जिक्र किया।
केजरीवाल और विजय के संदेश पर नजर
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की बधाई दी। हालांकि, उनके संदेश में केंद्र सरकार की नीतियों और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक टिप्पणी भी देखने को मिली। इस वजह से उनका संदेश अन्य नेताओं से अलग चर्चा में रहा।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता से नेता बने विजय ने भी प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दीं। इसके अलावा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कई अन्य नेताओं ने प्रधानमंत्री के लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना की।
BJP ने शुरू किया सेवा संकल्प अभियान
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर BJP की ओर से ‘सेवा संकल्प अभियान’ सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सामाजिक सेवा, जनसंपर्क और विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों के जरिए जन्मदिन मनाने की योजना बनाई है।
प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर आए संदेशों में राजनीतिक मतभेदों के बावजूद विभिन्न दलों के नेताओं की ओर से औपचारिक शुभकामनाएं दी गईं। वहीं, कुछ नेताओं ने अपने संदेशों में सरकार की नीतियों और राजनीतिक मुद्दों का भी उल्लेख किया, जिससे यह अवसर राजनीतिक चर्चाओं के बीच भी बना रहा।



