जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर में ट्रेन में सफर के दौरान एक डेढ़ साल की बच्ची अचानक चलती ट्रेन से नीचे गिर गई। घटना 15 सितंबर को कटनी और जबलपुर के बीच पवन एक्सप्रेस में हुई। बच्ची अपनी मां के साथ मुजफ्फरपुर से मुंबई जा रही थी।बताया जा रहा है कि ट्रेन कटनी स्टेशन से निकलने के बाद करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। इसी दौरान बच्ची उठकर इमरजेंसी खिड़की के पास पहुंची और रॉड पकड़कर खड़ी हो गई। ट्रेन के अचानक झटके से बच्ची खिड़की से बाहर जा गिरी।
मां को बच्ची के गिरने का पता नहीं चला
बच्ची की मां संजीदा खातून ट्रेन की लोअर बर्थ पर थीं और बच्ची को अपने पास लिटाकर मोबाइल देख रही थीं। कुछ देर बाद जब उन्होंने बच्ची को आसपास नहीं देखा तो वह घबरा गईं।यात्रियों ने बच्ची के ट्रेन से बाहर गिरने की आशंका जताई। इसके बाद तुरंत चेन पुलिंग की गई। ट्रेन रुकने के बाद यात्रियों ने ट्रैक के आसपास बच्ची की तलाश शुरू की और उसे घायल अवस्था में बरामद कर लिया।बच्ची के सिर, पीठ और हाथ-पैर में चोटें आई थीं। उसके शरीर से खून भी निकल रहा था।
यात्रियों ने खिड़की में गैप होने की बात कही
घटना के बाद ट्रेन में मौजूद कुछ यात्रियों ने इमरजेंसी खिड़की की संरचना को लेकर सवाल उठाए। यात्रियों का कहना था कि सामान्य खिड़की की तुलना में इस इमरजेंसी विंडो में रॉड कम थीं, जिससे गैप ज्यादा था।उनके मुताबिक बच्ची ने रॉड पकड़कर खड़े होने की कोशिश की और ट्रेन के झटके के कारण वह बाहर गिर गई। करीब 8 फीट नीचे गिट्टियों वाले ट्रैक पर गिरने के बावजूद बच्ची को समय रहते उठा लिया गया।
जबलपुर में अस्पताल ले जाया गया
पवन एक्सप्रेस के जबलपुर पहुंचने के बाद आरपीएफ और रेलवे के कमर्शियल विभाग की टीम ने बच्ची को अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।बच्ची की मां संजीदा ने बताया कि जबलपुर में उनका कोई परिचित नहीं है और वह अपनी बेटी का आगे का इलाज मुंबई में कराना चाहती हैं। इसके बाद रेलवे की ओर से मां-बेटी को दूसरी ट्रेन से मुंबई रवाना किया गया।
आरपीएफ ने क्या बताया?
आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजीव खरब के मुताबिक घटना कटनी स्टेशन से ट्रेन के रवाना होने के दौरान हुई थी। बच्ची के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई थीं, जिसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।घटना के बाद ट्रेन में मौजूद यात्रियों की तत्परता से बच्ची को तुरंत ट्रैक से उठाकर इलाज के लिए पहुंचाया गया।



