Terrorist Women In Jaipur: राजस्थान एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने जयपुर ग्रामीण क्षेत्र से एक महिला आतंकी को गिरफ्तार किया है. जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार की गई महिला का संबंध प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की स्लीपर सेल से जुड़ी है. सूत्रों के अनुसार, हिरासत में ली गई महिला की पहचान बबीता धाकड़ के रूप में हुई है, जो मूल रूप से सवाई माधोपुर जिले की निवासी बताई जा रही है. यह कार्रवाई मिलिट्री इंटेलिजेंस से प्राप्त इनपुट के आधार पर की गई.
जांच में जुटी एजेंसियां
प्रारंभिक जांच में एजेंसियों को कुछ ऐसे संकेत मिले हैं, जिनके आधार पर यह आशंका जताई जा रही है कि महिला को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित करने का प्रयास किया गया था. जांच अधिकारियों के अनुसार यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या उसे किसी आतंकी नेटवर्क के लिए तैयार किया जा रहा था या नहीं.
#WATCH जयपुर, राजस्थान: ATS द्वारा जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी एक महिला को गिरफ्तार किए जाने पर SP मनीष त्रिपाठी ने बताया, "UAPA एक्ट के तहत हमने बबीता नाम की एक महिला को गिरफ्तार किया है। ये हमारी 7 दिन की रिमांड पर हैं। राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में ऐसे संगठन जो प्रतिबंधित हैं उनके… pic.twitter.com/0N5afK5TEg
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 22, 2026
पाकिस्तान जाना चाहती थी महिला
जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई है कि महिला की पाकिस्तान जाने में जान की इच्छा रखती है. साथ ही जांच एजेंसियों का यह भी कहना है कि महिला ने कथित तौर पर ऑनलाइन धार्मिक प्रक्रिया अपनाई और नाम बदलकर खदीजा रख लिया. एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इसके पीछे किसी संगठित नेटवर्क भी भूमिका तो नहीं थी.
नेटवर्क खंगालने में जुटी एजेंसियां
ATS और अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां महिला के सोशल मीडिया अकाउंट्स, मोबाइल फोन, डिजिटल गतिविधियों और संपर्कों की गहन जांच कर रही हैं. यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसका संपर्क किन लोगों से था और क्या वह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थी.
सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियां महिला के ऑनलाइन संवाद, वित्तीय लेनदेन और हाल के महीनों में उसकी गतिविधियों का भी विश्लेषण कर रही हैं. इसके अलावा उन लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है, जिन्होंने कथित तौर पर उसे प्रभावित किया या उसके संपर्क में रहे. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी.
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