जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के प्रवर्तन अधिकारी सोनू मौर्य को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पर परिवादी से 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। ACB की टीम ने रिश्वत की मांग का सत्यापन करने के बाद जाल बिछाकर यह कार्रवाई की।
FIR दर्ज नहीं करने और बैंक खाते फ्रीज नहीं करने के बदले मांगी रिश्वत
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी प्रवर्तन अधिकारी सोनू मौर्य ने एक फर्म के कर्मचारियों का PF जमा नहीं कराने के मामले में FIR दर्ज नहीं करने और फर्म के बैंक खाते फ्रीज नहीं करने की एवज में परिवादी से 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद ACB ने रिश्वत मांग का सत्यापन किया। शिकायत सही पाए जाने पर टीम ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।
CA की मौजूदगी में लिए 1 लाख रुपये
ACB की टीम ने निर्धारित योजना के तहत फर्म के चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की मौजूदगी में सह-परिवादी से 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए आरोपी को पकड़ लिया। टीम ने मौके से रिश्वत की राशि बरामद कर ली।
वरिष्ठ अधिकारियों के सुपरविजन में हुई कार्रवाई
यह ट्रैप कार्रवाई ACB DIG ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन में की गई। वहीं ASP मनोज कुमार गुप्ता के नेतृत्व में जयपुर नगर चतुर्थ चौकी की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
अन्य लोगों की भूमिका को लेकर पूछताछ जारी
ACB की टीम अब इस मामले में अन्य व्यक्तियों की संभावित भूमिका को लेकर भी पूछताछ कर रही है। रिश्वत मांगने के पीछे के पूरे घटनाक्रम और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच की जा रही है। ACB की इस कार्रवाई के बाद EPFO से जुड़े मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मामले में आगे की जांच जारी है।



