Jabalpur Bargi Dam Cruise Accident: जबलपुर के बरगी बांध में क्रूज के पलटने की घटना के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है. हादसे में अब तक 28 यात्रियों को बचाया जा चुका है और 9 शव बरामद किए जा चुके हैं, लेकिन 4 लोग अब भी लापता हैं. जिनमें एक व्यक्ति और 3 बच्चे शामिल हैं. तलाश के लिए सेना के गोताखोरों और आपदा राहत टीम ने खोज अभियान का दायरा बढ़ा दिया है.
तलाशी का दायरा बढ़ाया गया
अनुमंडलीय पुलिस अधिकारी अंजुल अयंक मिश्रा ने को बताया कि नर्मदा नदी पर बने इस बांध के ‘बैकवॉटर’ क्षेत्र में तलाशी का दायरा बढ़ाकर 5 किलोमीटर कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि इस घटना में 9 लोगों की मौत हो चुकी है, 28 लोगों को बचा लिया गया है और लापता 4 लोगों की तलाश जारी है.
200 से अधिक बचावकर्मी रेस्क्यू में जुटे
पुलिस ने बताया कि शनिवार सुबह 5 बजे से आगरा से हवाई मार्ग के जरिए पहुंचे सेना के 20 गोताखोर समेत 200 से अधिक बचावकर्मी तलाश अभियान में जुटे हैं. लापता लोगों में खमरिया आयुध कारखाने के कर्मचारी कमराज, उनका पांच वर्षीय बेटा तमिल, छह वर्षीय विजय सोनी और पांच वर्षीय मयूरम शामिल हैं.
41 यात्रियों की पहचान की हो चुकी पुष्टि
जांचकर्ताओं के अनुसार, प्रस्थान स्थल के पास लगे CCTV फुटेज में 43 लोगों को क्रूज की ओर जाते देखा जा सकता है जबकि अब तक 41 यात्रियों की पहचान की पुष्टि हो चुकी है. जिलाधिकारी राघवेंद्र सिंह ने भी 4 लोगों के लापता होने की पुष्टि की है. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय गोताखोरों द्वारा चलाया जा रहा बचाव अभियान सुबह करीब 9 बजे तेज हवाओं के कारण कुछ देर प्रभावित हुआ.
3 कर्मचारियों को किया बर्खास्त, जांच के आदेश
राज्य सरकार ने शुक्रवार को घटना की जांच के आदेश दिए और लापरवाही और सुरक्षा चूक के आरोपों के बाद 3 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया. साथ ही, समान प्रकार की नौकाओं के संचालन पर रोक लगा दी गई है. गौरतलब है कि पर्यटन विभाग द्वारा संचालित यह क्रूज गुरुवार शाम करीब 6 बजे अचानक आए तूफान के दौरान डूब गई थी. शुक्रवार को मलबा बरामद कर लिया गया था, जिसके बाद पुष्टि हुई कि अंदर कोई अन्य शव नहीं है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज हवाओं के कारण पानी में तेज लहरें उठने लगीं जिससे यात्रियों ने शोर मचाया और चालक दल से क्रूज को किनारे ले जाने की मांग की. क्रूज में मौजूद रहे एक व्यक्ति ने चालक दल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अंतिम समय में लाइफ जैकेट के लिए अफरा-तफरी मच गई थी.
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