Iran US War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमलों पर विचार कर रहे हैं. व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को संकेत दिया कि यदि ईरान ने अपनी गतिविधियां नहीं रोकीं और सार्थक बातचीत के लिए आगे नहीं आया, तो अमेरिका कड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकता है.
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने आरोप लगाया कि ईरान ने पिछले महीने हुए युद्धविराम समझौते (एमओयू) का उल्लंघन किया है. उन्होंने कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर करने के तुरंत बाद ईरान ने वाणिज्यिक जहाजों पर हमले किए और अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया. लेविट ने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप इस तरह की आतंकवादी हरकत बर्दाश्त नहीं करेंगे. जब तक ईरान राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार सार्थक तरीके से बातचीत की मेज पर नहीं आता, तब तक उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी.’
ट्रंप बोले- “बहुत कड़ा प्रहार करेंगे”
मैरीलैंड स्थित कैम्प डेविड में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान के खिलाफ निर्णायक बढ़त हासिल करना है. उन्होंने संकेत दिया कि सैन्य अभियान अभी जारी रह सकता है. ट्रंप ने कहा, ‘हम उन पर बहुत कड़ा प्रहार करेंगे. एक समय ऐसा आएगा जब वे कहेंगे कि अब हम और नहीं झेल सकते.’
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव कायम
हालांकि रातभर अमेरिका की ओर से ईरान पर कोई नया हमला नहीं किया गया, लेकिन ईरान के अर्धसैनिक बल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो और तेल टैंकरों को निशाना बनाया है. वहीं, कुवैत ने बताया कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाले एक ड्रोन को मार गिराया है. इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता और बढ़ गई है.
अमेरिका का दबाव जारी
अमेरिका लगातार ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने और युद्धविराम समझौते की शर्तों का पालन करने का दबाव बना रहा है. यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.
गाजा युद्ध पर सकारात्मक संकेत
इसी बीच, पश्चिम एशिया से एक सकारात्मक संकेत भी सामने आया. हमास ने पुष्टि की है कि वह हथियार छोड़ने के लिए तैयार है. इसे गाजा संघर्ष समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, हालांकि स्थायी युद्धविराम और राजनीतिक समाधान की राह में अभी भी कई बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं.
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