Russia Ukraine War: रूस ने शुक्रवार देर रात से शनिवार तड़के तक यूक्रेन की राजधानी कीव पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से बड़े पैमाने पर हमला किया. इस हमले में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 अन्य घायल हो गए. हमलों में कई रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा.
यूक्रेन की सरकारी आपातकालीन सेवा के अनुसार, सोलोमियांस्की जिले में मलबा गिरने से 5 मंजिला रिहायशी इमारत में आग लग गई. बचाव दल ने इमारत की ऊपरी मंजिलों से 35 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. इस इलाके में दो लोगों की मौत हुई, जबकि 2 बच्चों समेत 8 लोग घायल हुए. वहीं, दारनित्स्की जिले में मकानों, वाहनों, एक प्रशासनिक भवन और अन्य गैर-आवासीय इमारतों में आग लग गई. इस क्षेत्र में 7 लोगों की मौत हुई और 14 अन्य घायल हो गए. शेवचेंकिव्स्की जिले में भी एक गैर-आवासीय इमारत में लगी आग पर काबू पा लिया गया. शहर के दो अन्य जिलों में भी व्यावसायिक और रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुंचने की खबर है.
जेलेंस्की ने फिर मांगी पैट्रियट प्रणाली
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने हमलों के बाद अमेरिका और पश्चिमी सहयोगी देशों से एक बार फिर पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम उपलब्ध कराने की अपील की. जेलेंस्की ने बताया कि उनकी अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से बातचीत हुई, जिसमें इस सप्ताह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ वाशिंगटन में हुई मुलाकात पर भी चर्चा हुई. उन्होंने इस बैठक को “सकारात्मक और सार्थक” बताया. सोशल मीडिया पर जारी संदेश में जेलेंस्की ने कहा, “रूस के हवाई हमले लगातार जारी हैं. बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए पैट्रियट प्रणाली के इंटरसेप्टर और हमारी हवाई रक्षा क्षमता सर्वोच्च प्राथमिकता है.’
पैट्रियट सिस्टम पर अंतिम फैसला बाकी
जुलाई में अंकारा में हुए नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका यूक्रेन को पैट्रियट प्रणाली के निर्माण का लाइसेंस देगा. हालांकि, शुक्रवार को कैम्प डेविड में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है.
लगातार बढ़ रहे हैं हमले
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब दो दिन पहले ही रूस ने पूरे यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे. उस हमले में 10 नागरिकों की मौत हुई थी और 50 से अधिक लोग घायल हुए थे. उसी दौरान एक रूसी मिसाइल पोलैंड के हवाई क्षेत्र में भी प्रवेश कर गई थी.
हमलों से सहमे लोग
कीव की रहने वाली 64 वर्षीय ल्यूडमिला नाकोनेचना ने बताया कि रात करीब डेढ़ बजे तेज धमाकों की आवाज से उनकी नींद खुल गई. उन्होंने कहा कि विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उनके घर के बाथरूम का दरवाजा उखड़कर उनके पैर से टकरा गया और खिड़कियों के शीशे टूट गए. उन्होंने कहा कि 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू होने के बाद पहली बार उन्हें शरणस्थल में रात बितानी पड़ी. उनके अनुसार, अब लगभग हर दिन हो रहे हमलों के कारण मानसिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है.
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