Kulgam Terror Attack: जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले में पहलगाम जैसा आतंकी हमला हुआ है. जहां शुक्रवार रात आतंकियों ने प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाया हैं. ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे 2 हिंदू मजदूरों से पहले उनका नाम पूछा और फिर उन्हें गोली मार दी. दोनों मजदूर छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे. एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने शनिवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. मृतकों की पहचान दीपक रात्रे और भूपेंद्र के रूप में हुई है. अधिकारियों के अनुसार यह हमला कुलगाम से करीब 20 किलोमीटर दूर केलाम इलाके में रात करीब 8:30 बजे हुआ.

10-12 राउंड फायरिंग, सिर्फ हिंदू मजदूरों को बनाया निशाना
स्थानीय लोगों के मुताबिक हमले के दौरान 10 से 12 राउंड गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी. घटना के समय ईंट-भट्ठे पर कई प्रवासी मजदूर मौजूद थे, लेकिन हमलावरों ने केवल दोनों हिंदू मजदूरों को निशाना बनाया. वारदात के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने घटनास्थल के आसपास करीब 2 किलोमीटर के क्षेत्र को घेर लिया और व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया.
आतंकियों के TRF से जुड़े होने का संदेह
सूत्रों के अनुसार, बाइक पर सवार दो आतंकियों ने इस हमले को अंजाम दिया. शुरुआती जांच में संदेह है कि दोनों लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट ( टीआरएफ) के सदस्य हो सकते हैं. TRF पहले भी गैर-स्थानीय मजदूरों और नागरिकों को निशाना बनाता रहा है.

परिवार में अकेला कमाने वाला था दीपक
मालखरौदा पुलिस थाना इलाके के बुंदेली गांव के रहने वाले दीपक रात्रे (24) के चाचा हलधर रात्रे ने बताया कि वह अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था. उन्होंने बताया कि दीपक की शादी कुछ साल पहले हुई थी और उसके परिवार में उसकी पत्नी और 4 महीने का बेटा है.
रात्रे ने बताया कि वह बेहतर भविष्य की उम्मीद में 7-8 महीने पहले अपनी पत्नी के साथ जम्मू-कश्मीर गया था ताकि ईंट भट्ठे पर काम कर सके. दीपक के पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी. उसका छोटा भाई दिव्यांग है, उसकी मां और भाई का रो-रोकर बुरा हाल है. चाचा ने बताया, ‘परिवार में अब कोई कमाने वाला नहीं बचा है. उन्होंने कहा कि उन्होंने जिला प्रशासन से बात की है, जो दीपक के शव को उनके पैतृक गांव वापस लाने की कोशिश कर रहा है.
इसी आतंकी घटना में मारे गए भूपेंद्र भैना सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के छुइया गांव से थे. भैना 3-4 महीने पहले अपनी पत्नी के साथ जम्मू-कश्मीर में ईंट-भट्टे पर काम करने गया था. वह अपने अपने 4 साल के बेटे को अपनी दादी और नाबालिग बहन की देखरेख में छोड़ गया था.
सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने बताया कि उनके माता-पिता और छोटा भाई हिमाचल प्रदेश में ईंट-भट्टे पर मजदूरी करते हैं. अधिकारी ने बताया कि पुलिस शनिवार तड़के करीब 2 बजे भूपेंद्र के गांव पहुंची और परिवार को घटना की जानकारी दी.
पीड़ित परिवारों को 16 लाख रुपये की सहायता
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मृतकों के परिजनों के लिए पहले से निर्धारित 6 लाख रुपये के मुआवजे के अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये अतिरिक्त देने की घोषणा की है.
सीएम विष्णु देव साय ने हर संभव मदद का दिया भरोसा
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कुलगाम में ‘कायरतापूर्ण आतंकी हमले’ में छत्तीसगढ़ के मजदूरों की हत्या को बेहद दुखद बताया. उन्होंने कहा कि अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिए गए हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि छत्तीसगढ़ सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें हर संभव मदद देगी.
हर साल लाखों प्रवासी मजदूर पहुंचते हैं जम्मू-कश्मीर
गौरतलब है कि हर साल करीब 3 से 5 लाख प्रवासी मजदूर जम्मू-कश्मीर आते हैं. इनमें सबसे अधिक मजदूर बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से होते हैं. ये निर्माण कार्य, ईंट-भट्ठों, सड़क परियोजनाओं, बागवानी, कृषि, होटल-पर्यटन और छोटे उद्योगों में कार्यरत रहते हैं. फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों की तलाश में व्यापक अभियान चला रही हैं और हमले के सभी पहलुओं की जांच जारी है.



