नई दिल्ली। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने Flydubai फ्लाइट में हुई घटना को लेकर बड़ा बयान दिया है। नेतन्याहू ने कहा कि फ्लाइट के पायलटों और यात्रियों ने विमान में ‘9/11 जैसी आपदा’ होने से रोक दिया। इजरायल जा रही इस फ्लाइट में एक पायलट ने अपने साथी पायलट पर चाकू से हमला कर दिया था, जिसके बाद विमान हजारों फीट नीचे चला गया। नेतन्याहू ने CNN को बताया कि भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला होने के बाद कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया गया था। दरवाजा खुलने के बाद इजरायली यात्री यानिव हयून कॉकपिट में पहुंचे। हयून पेशे से प्लंबर हैं। नेतन्याहू के मुताबिक, यानिव हयून ने कॉकपिट में ओमानी पायलट को विमान के कंट्रोल के साथ छेड़छाड़ करते हुए देखा। इस दौरान यात्रियों ने कॉकपिट से चीखने और चिल्लाने की आवाजें भी सुनीं।
प्लंबर यात्री ने संभाला विमान का कंट्रोल
नेतन्याहू ने बताया कि यानिव हयून ने विमान के कंट्रोल को पीछे की ओर खींचा। इसी दौरान एक अन्य यात्री और क्रू मेंबर ने हमलावर पायलट को काबू में किया। इसके बाद रिजर्व पायलट कॉकपिट में पहुंचे और विमान को स्थिर किया। इस पूरी घटना के दौरान विमान में मौजूद यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। इजरायली प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने एयरपोर्ट पर यानिव हयून से मुलाकात भी की थी। नेतन्याहू के अनुसार, हयून भारतीय पायलट के खून से पूरी तरह सने हुए थे। इस घटना में घायल हुए भारतीय पायलट की पहचान कैप्टन स्मित मच्छार के तौर पर हुई है।
सऊदी अरब में संदिग्ध पायलट से पूछताछ
नेतन्याहू ने बताया कि हमले के आरोपी पायलट को सऊदी अरब में हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात ने इजरायल को इस पूछताछ में शामिल होने की अनुमति दी है। घटना की जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी दी गई थी। ट्रंप ने भारतीय पायलट को ‘हीरो’ बताया। उन्होंने कहा कि हमला होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलकर मदद मांगना बेहद अहम था। ट्रंप ने यात्री यानिव हयून के कदम की भी तारीफ की।
ईरान कनेक्शन पर नेतन्याहू ने क्या कहा?
नेतन्याहू ने यह भी स्पष्ट किया कि जांचकर्ताओं के पास फिलहाल ऐसी कोई खास जानकारी नहीं है, जिससे इस घटना का ईरान से संबंध साबित हो सके। उन्होंने कहा कि अभी तक इस तरह का कोई ठोस इनपुट सामने नहीं आया है। यानी घटना के पीछे ईरान कनेक्शन को लेकर फिलहाल कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
नेतन्याहू ने सुनाया अपना पुराना अनुभव
इजरायली प्रधानमंत्री ने इस घटना के दौरान अपने पुराने अनुभव का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 1972 में एक हाईजैक विमान से यात्रियों को छुड़ाने वाली इजरायली कमांडो कार्रवाई के दौरान वह घायल हुए थे। नेतन्याहू के भाई योनी की 1976 में एंटेबे बंधक बचाव अभियान का नेतृत्व करते हुए मौत हो गई थी। नेतन्याहू ने कहा कि पायलटों ने 9/11 जैसी आपदा होने से रोक दी, क्योंकि उस वक्त उन्हें ऐसा ही लग रहा था कि एक बड़ी विमान दुर्घटना होने वाली है।



